रवि शास्त्री का भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में कार्यकाल अगले महीने टी20 विश्व कप के साथ समाप्त हो जाएगा और उन्होंने स्वीकार किया कि इससे उन्हें थोड़ा दुख होगा लेकिन साथ ही कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में जो चाहा वह हासिल किया और वह सही समय पर इस जिम्मेदारी से मुक्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं एक बात पर विश्वास करता हूं कभी जरूरत से ज्यादा समय तक नहीं टिके रहो। मैं यह बात इस संदर्भ में कह रहा हूं कि टीम का साथ छोड़ने के समय मैं क्या चाहता हूं, असल में मैंने जरूरत से ज्यादा हासिल किया है।
शास्त्री का मुख्य कोच के रूप में कार्यकाल 2017 में शुरू हुआ था। इसके बाद उन्हें 2019 में फिर से इस पद पर नियुक्त कर दिया गया था। टी20 विश्व कप 17 अक्तूबर से यूएई में खेला जाएगा। उन्होंने कहा, ‘मैंने माइकल आथरटन से बात की थी और कहा था, मेरे लिए यह चरम है। ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराना और इंग्लैंड में कोविड काल में जीत दर्ज करना। हमने इंग्लैंड पर 2-1 से बढ़त बनाई है तथा जिस तरह से हम लॉर्ड्स और ओवल में खेले वह खास था।’ भारतीय खेमे में कोविड-19 के मामले पाए जाने के बाद जब मैनचेस्टर में होने वाला पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच रद्द किया गया तब भारत शृंखला में 2-1 से आगे चल रहा था। शास्त्री के कार्यकाल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में टी20 शृंखलाओं में भी जीत दर्ज की।
रवि शास्त्री ने कहा कि ‘असल में मैंने जरूरत से ज्यादा हासिल किया है। ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर हराना और कोविड काल में इंग्लैंड पर शृंखला में बढ़त हासिल करना। क्रिकेट में मेरे चार दशक में यह सबसे संतोषजनक पल रहा।’
आईसीसी ट्रॉफी के साथ विदाई की चाह
शास्त्री आईसीसी ट्रॉफी के साथ अपने कार्यकाल का समापन करना चाहते हैं। शास्त्री और विराट कोहली की जोड़ी के रहते हुए भारत कभी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाया। उन्होंने कहा, ‘हम इसके लिए अपनी जीजान लगा देंगे। हमने सीमित ओवरों की क्रिकेट में भी प्रत्येक देश को उसकी धरती पर हराया। यदि हम टी20 विश्व कप जीत लेते हैं तो यह सोने पे सुहागा होगा। इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए।’
पुस्तक विमोचन समारोह का कोई खेद नहीं
शास्त्री को अपनी पुस्तक का विमोचन समारोह आयोजित करने पर खेद नहीं है जिसे भारतीय टीम में कोविड-19 का संक्रमण फैलने के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है जिसके कारण इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में पांचवां टेस्ट मैच रद्द करना पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार पुस्तक विमोचन समारोह में भाग लेने वाले लोगों ने मास्क नहीं पहना था। शास्त्री ने कहा, ‘मुझे कतई खेद नहीं है क्योंकि मैं उस समारोह में जिन लोगों से मिला वे शानदार थे। पार्टी में लगभग 250 लोग थे और कोई भी उस पार्टी के कारण संक्रमित नहीं हुआ। ओवल टेस्ट में आप उन सीढ़ियों पर चढ़ रहे थे जिनका उपयोग 5000 लोग कर रहे थे। फिर पुस्तक विमोचन पर उंगली क्यों उठाई जा रही है।’
शास्त्री ने कहा, ‘मैं पार्टी में संक्रमित नहीं हुआ क्योंकि वह 31 अगस्त को था और तीन सितंबर को मेरा परीक्षण पॉजिटिव आया था। यह तीन दिन में नहीं हो सकता है। मुझे लगता है कि मैं लीड्स में संक्रमित हुआ। इंग्लैंड में 19 जुलाई को सब कुछ खोल दिया गया था। लोग होटलों में आने लगे थे, लिफ्ट का उपयोग शुरू हो गया था। किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं था।’