भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैच की टेस्ट सीरीज के शुरुआत दो मुकाबलों के लिए ध्रुव जुरेल को टीम इंडिया में शामिल किया गया है। इसके बाद उनकी आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स के कोच कुमार संगकारा ने कहा है कि अब उनकी असली परीक्षा होगी। पहली बार भारतीय टीम में शामिल होने वाले जुरेल ने आईपीएल के पिछले सीजन में शानदार बल्लेबाजी की थी और रणजी ट्रॉफी में भी यूपी के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। भारत ए के लिए भी जुरेल ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
कुमार संगकारा ने भारतीय टेस्ट टीम में जुरेल के चयन पर कहा "मैं बहुत गौरवान्वित और खुश महसूस कर रहा हूं क्योंकि आईपीएल में प्रमुख काम में से एक भारत के लिए खिलाड़ी तैयार करना है और हमने पिछले कुछ वर्षों में काफी कुछ किया है। जुरेल युवा खिलाड़ी हैं। वह एक शानदार व्यक्ति और बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं और उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए वास्तव में कड़ी मेहनत की है।"
संगकारा से पूछा गया कि क्या आपको उम्मीद थी कि जुरेल को टेस्ट टीम में मौका मिलेगा। इसके जवाब में संगकारा ने कहा "मुझे लगता है कि यह चयनकर्ताओं पर निर्भर है कि वे अपनी टेस्ट और वनडे-टी20 टीम का निर्माण कैसे करना चाहते हैं। हमारा काम सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को तैयार करना है, ताकि उन्हें किसी भी प्रारूप में मौका मिले।"
संगकारा ने जुरेल को लेकर कहा "उनकी कार्य नैतिकता और आचरण के चलते वह तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वह राजस्थान रॉयल्स के लिए बहुत मुश्किल स्थिति में आए और इतने सारे रन बनाए। वह छोटे प्रारूप में मैच विजेता हैं, लेकिन टेस्ट टीम में उनकी तकनीक, चरित्र और इस पर अमल करने की उनकी क्षमता की परीक्षा होगी।"
संगकारा का मानना है कि टी20 क्रिकेट के कारण क्रिकेट परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। खासकर युवा खिलाड़ियों की पहचान करने का तरीका बदल रहा है। टी20 मैचों की तेज गति और गतिशील प्रकृति ने खिलाड़ियों के मूल्यांकन के तरीके में बदलाव लाया है, उन कौशलों पर ध्यान केंद्रित किया है जो छोटे प्रारूप में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। इस विकास के बावजूद, संगकारा इस बात पर जोर देते हैं कि टेस्ट क्रिकेट अपना आकर्षण बनाए रखेगा। क्योंकि यह अपनी रणनीतिक गहराई, सहनशक्ति और विभिन्न कौशल पर जोर देने के लिए जाना जाता है, यह क्रिकेट की दुनिया में एक अद्वितीय स्थान रखता है।
संगकारा ने कहा "टेस्ट क्रिकेट हमेशा प्रासंगिक रहेगा। आखिरकार, हम अच्छे क्रिकेटर तैयार कर रहे हैं और अच्छे क्रिकेटर किसी भी प्रारूप में ढल सकते हैं। ठीक उसी कहावत की तरह, 'बिल्ली की खाल उतारने के हजारों तरीके होते हैं', संगकारा चाहते हैं कि लोग अपना खुद का तरीका खोजें। उन्होंने कहा, "प्रारूप को एक खास तरीके से खेलने की जरूरत नहीं है। हमने देखा है कि इसमें कितना बदलाव आया है और टेस्ट क्रिकेट में बदलाव देखना रोमांचक है। अभी जो खिलाड़ी आ रहे हैं, वे लचीले और हालातों के अनुसार खेल सकते हैं और देखने में रोमांचक हैं।"
एक ही फ्रेंचाइजी के पास कई टीमों (आईपीएल, एसए20, सीपीएल, आईएलटी20) का मालिक होने के कारण, संगकारा का मानना है कि वह दिन दूर नहीं जब फुटबॉल क्लब जैसे क्रिकेट के खिलाड़ियों को भी पूरे साल अनुबंध की पेशकश की जाएगी। "यह एक बड़ी संभावना हो सकती है और सभी हितधारकों, आईसीसी और घरेलू बोर्डों को इस बारे में कुछ कड़े निर्णय लेने होंगे कि हम क्रिकेट को कैसे प्रासंगिक बनाए रखेंगे। क्योंकि अगर खेल प्रासंगिक नहीं है और आप दर्शकों को स्टेडियम में नहीं ला रहे हैं, तब खेल संकट में होता है।''
संगकारा ने कहा कि एक खेल के रूप में क्रिकेट बहुत स्वस्थ है और एक नई दिशा में आगे बढ़ने की कगार पर है। अब, यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि यह अपने सभी हितधारकों, फैंस और खिलाड़ियों की जरूरतों को पूरा करे। फैंस यह तय करते हैं कि खेल किस दिशा में जाएगा।''