जडेजा की शतकीय पारी पर एंडरसन ने कहा कि अब वो एक बल्लेबाज की तरह सोचने लगे हैं। इस पर जडेजा ने जवाब दिया कि वो हमेशा से ऐसे ही खेलते थे और अच्छा है कि 2014 के बाद एंडरसन को यह बात समझ आ गई।
इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में रवींद्र जडेजा ने कमाल की बल्लेबाजी की। उन्होंने अपने टेस्ट करियर का तीसरा शतक लगाते हुए 104 रन की पारी खेली। जडेजा के योगदान की बदौलत भारत ने इस पारी में 416 रन बनाए। इस पारी में जब जडेजा बल्लेबाजी के लिए आए थे तो भारतीय टीम 98 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी। इसके बाद जडेजा ने ऋषभ पंत के साथ 222 रन की साझेदारी कर। भारत को मुश्किल से निकाला।
विज्ञापन
दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, जडेजा ने पारी के दौरान अपनी मानसिकता के बारे में बात की और जेम्स एंडरसन की टिप्पणी पर भी जबाव दिया। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ने कहा था कि जडेजा अब एक बल्लेबाज की तरह सोचते हैं।
बल्लेबाज की तरह सोच रहे हैं जडेजा
एंडरसन ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, "पहले वह आठवें नंबर पर आ रहे थे और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ खेलते थे। इस वजह से उन्हें रन बनाने के लिए बड़े शॉट खेलने पड़ते थे। अब वह सातवें नंबर पर खेल रहे हैं और एक बल्लेबाज की तरह सोच सकते हैं। वो वाकई में अच्छा खेल रहे हैं, गेंद को सही तरीके से छोड़ रहे हैं और हमारे लिए विकेट लेना मुश्किल हो रहा है।"
एंडरसन को जडेजा का शानदार जवाब
जडेजा से शनिवार को एंडरसन की टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा "देखिए, जब आप रन बनाते हैं, तो हर कोई कहता है कि आप खुद को अच्छा बल्लेबाज मानते हैं। लेकिन मैंने हमेशा क्रीज पर खुद को समय देने की कोशिश की है, जो भी क्रीज पर है उसके साथ साझेदारी करने और उसके साथ खेलने की कोशिश की है। यह अच्छा है कि एंडरसन को 2014 के बाद यह बात समझ आई।"
2014 में हुआ था विवाद
2014 में ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के दौरान पवेलियन के अंदर जडेजा और एंडरसन के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद भारतीय प्रबंधन ने एंडरसन के खिलाफ शिकायत की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय खेमे ने दावा किया कि एंडरसन ने बिना किसी विवाद के जडेजा को धक्का दिया और अंत में आईसीसी ने एंडरसन को तीसरे स्तर के अपराध का दोषी पाया था।
मौजूदा टेस्ट में अपनी पारी के बारे में बात करते हुए जडेजा ने कहा "इंग्लैंड में आप शरीर के करीब खेलते हैं। गेंद यहां स्विंग करती है इसलिए यदि आप कवर या स्क्वायर ड्राइव खेलना चाहते हैं तो एक मौका है कि आप बढ़त बना सकते हैं। मेरा ध्यान शुरू में ऑफ-स्टंप के बाहर बहुत अधिक गेंदें नहीं खेलने पर था। जब कवर या प्वाइंट खाली होता है, तो उस क्षेत्र में चौका लगाने का लालच होता है, लेकिन फिर आप स्लिप में आउट हो सकते हैं। मेरा ध्यान केवल उस गेंद को मारने पर था जो वास्तव में मेरे करीब थी और सीधे बल्ले से खेलने की कोशिश कर रहा था। किस्मत से, मैंने जो भी गेंदें चुनीं, उन पर चौका लगा पाया। यदि आप जानते हैं कि आपका ऑफ स्टंप कहां है, तो आप गेंदों को उस लाइन के बाहर छोड़ सकते हैं।"
पंत ने दबाव कम किया
पंत की पारी के बारे में पूछे जाने पर, जडेजा ने कहा "थोड़ा दबाव कम हो जाता है क्योंकि वह हर गेंदबाज को एक ही तरह से मार रहा है। वह किसी को नहीं छोड़ रहा था। पंत के साथ बल्लेबाजी करना अच्छा रहता है, क्योंकि गेंदबाज आपके ऊपर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। एक बल्लेबाज के रूप में आपको इंग्लैंड में ध्यान केंद्रित करना होता है, क्योंकि यहां कभी भी रन बनाना आसान नहीं होता। आप 50 या 70 रन पर खेल रहे हैं और आपको कभी भी अच्छी गेंद मिल सकती है। मैं और ऋषभ बात कर रहे थे यह, कि हम एक लंबी साझेदारी करते हैं। जब मैं बल्लेबाजी करने आया, तो हमें टीम को एक अच्छी स्थिति में ले जाना था और वास्तव में कुछ कर दिखाना था। उम्मीद है कि हमने अच्छा स्कोर खड़ा किया है।"
दूसरे दिन स्टंप्स तक, इंग्लैंड का स्कोर 84/5 था और भारत के पास अभी भी 332 रन की बढ़त है। जॉनी बेयरस्टो (12*) और बेन स्टोक्स (0*) क्रीज पर मौजूद हैं। भारत ने इससे पहले पंत और जडेजा के शतकों के बाद 416 रन बनाए थे, एंडरसन ने इंग्लैंड के लिए पांच विकेट झटके थे।