अजिंक्य रहाणे अपनी पत्नी और बेटी के साथ
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अजिंक्य रहाणे ने पिछले दिनों अपनी कप्तानी में ब्रिस्बेन टेस्ट जीतकर ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया। उन्होंने इस दौरान अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी से लोगों का दिल जीता। इसका उन्हें इनाम भी मिला जब भारत लौटने पर उनका ढोल-नगाड़ों और फूल मालाओं के साथ स्वागत हुआ। इस दौरान भी रहाणे के एक कदम ने सभी को खुश करने और उनपर गर्व करने का मौका दिया।
ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारत लौटने के बाद रहाणे ने एक कंगारू लगे केक को काटने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद उनकी खूब तारीफ भी हुई थी। अब इस पूरे मामले पर रहाणे ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि उन्होंने केक काटने से इनकार क्यों किया था।
रहाणे ने क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले से बातचीत में कहा कि कंगारू ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय पशु है और मैं ऐसा नहीं करना चाहता था। आप अपने विपक्षी टीम के खिलाफ जीतने और इतिहास रचने के बाद भी उन्हें सम्मान देते हैं। आपको अपने विरोधियों और दूसरे देशों का सम्मान करना चाहिए और इसलिए मैंने ऐसा ही किया।
बता दें कि पिछले हफ्ते की 21 तारीख को रहाणे भारत लौटने पर एयरपोर्ट से सीधे मुलुंड में अपने घर पहुंचे थे। वहां उनकी पत्नी राधिका और सोसाइटी के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया था। उनके पड़ोसियों ने तिलक लगाकर उनका अभिवादन किया था। लेकिन इसके बाद देर शाम रहाणे के पड़ोसी एक विशेष केक के साथ उनके घर पहुंचे थे और उसे काटने के लिए कहा था लेकिन रहाणे से ऐसा करने से इनकार कर दिया था।