ग्यारह साल बाद एक बार फिर जब बृहस्पतिवार को पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया की टीमें टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी तो दर्शकों को रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। तब (2010 में) माइकल हसी ने 60 रन की नाबाद पारी खेलकर एक गेंद शेष रहते पाकिस्तान से जीत छीन ली थी।
यूएई में 15 मैचों से अजेय है पाक
यूएई में पाकिस्तान की टीम पिछले 15 मैचों से अजेय है। ऐसे में आरोन फिंच की टीम के लिए बाबर आजम की टीम का विजयरथ रोकना आसान नहीं होगा। वर्ष 2009 की चैंपियन पाकिस्तानी टीम दबाव में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और यहां की परिस्थितियों को लेकर सहज है। टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर आजम (264) से टीम को फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया का गेंदबाजी आक्रमण उनकी चुनौती के लिए तैयार होगा और किसी भी गलती का फायदा उठाना चाहेगा।
शानदार फॉर्म में हैं मलिक
बाबर और मोहम्मद रिजवान की सलामी जोड़ी अगर विफल रहती है तो पाक के पास मध्यक्रम में कई मैच विजेता हैं। इनमें लंबे छक्के जड़ने वाले आसिफ अली, अनुभवी शोएब मलिक और मोहम्मद हफीज सभी लय में हैं। टीम को हालांकि फखर जमां से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी जो एकमात्र बल्लेबाज हैं जो अब तक नाकाम रहे हैं।
फिंच की टीम भी कम नहीं
2010 का उपविजेता ऑस्ट्रेलिया सही समय पर अपना शीर्ष खेल दिखा रहा है। वह खिताब जीतकर आईसीसी के उस टूर्नामेंट को भी जीतना चाहेगा जिसे नहीं जीत पाया है। इंग्लैंड के खिलाफ हार के अलावा फिंच की टीम ने सभी मुकाबलों में दबदबा बनाते हुए जीत दर्ज की है। उसके पास हेजलवुड, स्टार्क और कमिंस की मौजूदगी वाला मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण है। बीच के ओवरों में लेग स्पिनर एडम जंपा ने शानदार प्रदर्शन किया है।
05 वां सेमीफाइनल होगा यह पाकिस्तान का तो ऑस्ट्रेलिया का चौथा
वॉर्नर दिखा रहे दम
ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल और मिशेल मार्श ने टीम को गेंद से सफलताएं दिलाई हैं। उनके पास बायें हाथ के स्पिनर एश्टन एगर को खिलाने का विकल्प भी होगा। डेविड वॉर्नर की फॉर्म में वापसी से ऑस्ट्रेलिया को मजबूती मिली है। वह दो अर्द्धशतक जड़ चुके हैं जिसमें पिछले मैच में नाबाद 89 रन की पारी भी शामिल है। वॉर्नर और फिंच की सलामी जोड़ी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने में सक्षम है।