भारतीय टीम के पूर्व चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा है कि शेख रशीद उन्हें राहुल द्रविड़ की याद दिलाते हैं। उनकी तकनीक, स्वभाव और पिच जमे रहने की क्षमता राहुल के जैसी है। अंडर-19 विश्व कप में शानदार बल्लेबाजी करने वाले टीम के उप-कप्तान के बारे में प्रसाद ने कहा कि वह आगे चलकर टेस्ट और वनडे क्रिकेट में भारत के लिए तीसरे नंबर पर खेल सकते हैं। मौजूदा समय में विराट कोहली तीसरे नबंर पर भारत के लिए खेलते हैं। वहीं टेस्ट में चेतश्वर पुजारा इस नंबर पर बल्लेबाजी करते थे।
वहीं जब रशीद से भी यही सवाल किया गया तो उनका जवाब परिपक्वता और धैर्य से भरा हुआ था, जिसके लिए द्रविड़ भी जाने जाते थे। उन्होंने कहा "हमने अभी-अभी अंडर 19 विश्व कप जीता है और हम सातवें आसमान पर हैं। यह जीत खिलाड़ियों के बीच अच्छे संबंधों का नतीजा थी और कोचों ने सुनिश्चित किया है कि हम यहां (कैरिबियन में) एक परिवार की तरह रहें। मेरा भविष्य जैसा भी होगा मैं उसे स्वीकार करूंगा। मुझे अपने खेल में सुधार करने की जरूरत है और मैं इस पर काम करूंगा।"
एमएसके प्रसाद के शहर से हैं रसीद
एमएसके और रशीद आंध्र प्रदेश के गुंटूर शहर से आते हैं, और रसीद को इस स्तर तक पहुंचाने में प्रसाद ने आंध्र प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ के रूप में अहम भूमिका निभाई है। प्रसाद ने कहा "वह विकेट के सामने स्कोर करना पसंद करते हैं और गेंद को अपने पास आने देते हैं। इससे वो खुद को गेंद खेलने के लिए पर्याप्त समय देते हैं। यह बहुत अच्छी तकनीक है। जो चीज सबसे प्रभावशाली थी, वह उनका स्वभाव था। जब भारत दबाव में था तब वह कभी भी परेशान नहीं दिखे।"
नॉकआउट मैचों में कमाल का प्रदर्शन
रशीद ने विश्व कप के तीनों नॉकआउट मैच में क्रीज पर जमकर बल्लेबाजी की। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में कम स्कोर वाले लेकिन दबाव वाले लक्ष्य का पीछा करते हुए 26 रन बनाए, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 94 रनों के साथ भारतीय पारी को संभाला और इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 50 रनों की अहम पारी खेली। तीनों मौकों पर भारत का पहला विकेट जल्दी गिरा था। इसके बाद रसीद ने कमाल की बल्लेबाजी की।
रशीद को आश्चर्य होता है कि वह पहली बार में कैसे ऐसा प्रदर्शन कर पाए। उन्होंने कहा "मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे पास टूर्नामेंट में एक और मौका होगा।" वह उस समय को याद कर रहे थे, जब भारतीय टीम कोविड-19 की चपेट में आ गई थी, जिसमें आधा दर्जन खिलाड़ी कोरोना संक्रमित पाए गए थे और उन्हें क्वारैंटीन कर दिया गया था।
आगे खेलने की उम्मीद छोड़ चुके थे रसीद
रसीद ने बताया "मैंने टूर्नामेंट में आगे खेलने की उम्मीद छोड़ दी थी। रोज टेस्ट और 15 दिन का क्वारैंटीन, मुझे लगा कि टूर्नामेंट मेरे लिए समाप्त हो गया है। उस समय सपोर्ट स्टाफ ने अच्छी तरह से हमारा समर्थन किया, हमें प्रेरित किया। हम अलग-थलग थे और वे नियमित रूप से वीडियो-कॉलिंग करते थे और हमें समझाने की कोशिश करते थे कि इसे एक छोटे से ब्रेक के रूप में समझें। कोच और वीवीएस लक्ष्मण सर कॉल पर मुझे बता रहे थे कि टूर्नामेंट में खेलने के लिए और भी बहुत कुछ है। क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल। उन्होंने एक सकारात्मक सोच पैदा करने की कोशिश की।"
नॉकआउट मैचों में अपना स्वाभाविक खेल खेले रसीद
नॉकआउट में उन पारियों के बारे में बात करते हुए रसीद ने कहा "शुरुआत में दबाव था लेकिन मैंने अपना स्वाभाविक खेल खेलने की कोशिश की। मुझे अपने खेल पर भरोसा है और मैंने उस तरह से खेला। हालांकि नॉकआउट से पहले ज्यादा अभ्यास नहीं था, लेकिन हम आश्वस्त थे। मैंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में नाबाद 72 रन बनाए थे और इससे मुझे काफी आत्मविश्वास मिला था।"
एंटीगुआ में फाइनल में चार विकेट की जीत के बाद रशीद को खूब फोन और मैसेज आए। उन्होंने बताया "हमने एक पार्टी की। हमने जीत का जश्न मनाया, साथ रहे। बॉन्डिंग बहुत अच्छी और, हां, मेरे पास अपने सभी कॉल और संदेशों का जवाब देने का समय नहीं है। मैं जल्द ही सभी का जवाब दूंगा।"
उनके कई साथियों ने आईपीएल नीलामी के लिए पंजीकरण कराया है, लेकिन रसीद इसमें शामिल नहीं होंगे क्योंकि उन्होंने लिस्ट ए या प्रथम श्रेणी का मैच नहीं खेला है, जो आईपीएल में शामिल होने के लिए जरूरी है। रशीद फिर भी निराश नहीं हैं। "बिल्कुल नहीं," वे कहते हैं। "मुझे अपने मौके मिलेंगे। अगर मैंने इस साल नहीं खेला है तो इसका मतलब यह नहीं है कि यह दुनिया का अंत है। मैं आगे चलकर क्वालीफाई करूंगा।"