पुलिस ने उडुपी के कुंडापुर के सरकारी कॉलेज के पास से दोनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर दोनों से पूछताछ की जा रही है। दरअसल, कर्नाटक में कॉलेजों में हिजाब पर प्रतिबंध से विवाद बढ़ता ही जा रहा है।
कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद के बीच पुलिस ने एक सरकारी कॉलेज के पास से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों के पास धारदार हथियार मिले हैं। पुलिस ने बताया कि उडुपी जिले के कुंडापुर के सरकारी कॉलेज के पास से दोनों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान हाजी अब्दुल माजिद व रज्जाब के रूप में की गई है। दोनों आरोपी कुंडापुर के पास गांव गंगोली के रहने वाले हैं। वहीं इस मामले में तीन लोग फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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उडुपी के एडिशनल एसपी एसटी सिद्धलिंगप्पा ने बताया कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, तीन फरार हैं। उनका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। दोनों आरोपियों के पास से चाकू बरामद हुआ है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कांग्रेस विधायक ने किया था प्रदर्शन
कर्नाटक के उडुपी में कुछ कॉलेजों की ओर से मुस्लिम छात्राओं के कक्षा में हिजाब पहनने पर रोक लगाने के बाद से ही यह विवाद बढ़ता चला जा रहा है। शनिवार को कांग्रेस विधायक कनीज फातिमा ने अपने समर्थकों के साथ इसके खिलाफ प्रदर्शन किया था। कांग्रेस विधायक ने कहा, लड़कियों को दबाया जा रहा है... परीक्षाओं से दो महीने पहले उन्हें स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। फातिमा ने कहा, 'हम हिजाब के रंग में यूनिफॉर्म के हिसाब से बदलाव करने के लिए तैयार हैं लेकिन हम इसे पहनना नहीं छोड़ सकते। मैं विधानसभा में भी हिजाब पहनती हूं। मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन दिया जाएगा और बाद में हम उडुपी में प्रदर्शन करेंगे।' कहा कि अभी तक सभी इसे पहनते आ रहे थे। अब बहुत देर हो चुकी है। वह अचानक हमें क्यों रोक रहे हैं? बुर्का कोई नई चीज नहीं है।
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कब शुरू हुआ विवाद
राज्य में हिजाब पहनने पर विवाद की शुरुआत जनवरी महीने में हुई थी। राज्य के उडुपी जिले के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में 7 छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया था। हालांकि, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उन्होंने यह फैसला ड्रेस में समानता के मकसद से लिया है। हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में छात्राओं का कहना है कि हिजाब पहनने की इजाजत न देना अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है। एक कॉलेज के बाद यह मामला बढ़ता ही चला गया और कई कॉलेजों से इस तरह का विवाद सामने आने लगा।