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ऑस्ट्रेलिया दौरा: गम साझा करने को सिराज के कमरे में नहीं जा सकता था कोई भी साथी, एकांतवास के दौरान हुआ था पिता का निधन

Thu, 19 Aug 2021 09:20 AM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लॉर्ड्स टेस्ट में मोहम्मद सिराज ने अपनी गेंदबाजी से साबित कर दिया कि ऑस्ट्रेलिया में उन्हें मिली सफलता तुक्का नहीं थी। सिराज ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 13 विकेट लिए थे। 
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मोहम्मद सिराज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की कहानी काफी खूबसूरत है जो भावनाओं से भरी है। इसमें त्रासदी का दुख, अपने कौशल में पारंगत होने का रोमांच और शीर्ष स्तर पर सफलता की खुशी शामिल है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट में भारत की जीत के दौरान आठ विकेट चटकाकर सिराज ने दिखा दिया है कि ऑस्ट्रेलिया में उनकी सफलता तुक्का नहीं थी और वह लंबी रेस के घोड़े हैं। सिराज जुनून और गौरव की कई कहानियों में से एक हैं जिसका जिक्र भारतीय क्रिकेट पर नई किताब ‘मिशन डॉमिनेशन एन अनफिनिश्ड क्वेस्ट’ में किया गया है। इसके लेखक बोरिया मजूमदार और कुशान सरकार हैं। इसे साइमन एंड शुस्टर ने प्रकाशित किया है। भारतीय टीम को हमेशा से पता था कि सिराज के अंदर सफलता हासिल करने का जज्बा है क्योंकि उन्होंने उसे ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान देखा था जब संक्षिप्त बीमारी के बाद उनके पिता का निधन हो गया था।

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कमरों के बाहर था पुलिस का पहरा  
 
किताब के अनुसार,‘नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में 14 दिन के अनिवार्य एकांतवास के दौरान सिराज के पिता का इंतकाल हो गया था। इसका मतलब था कि टीम का उसका कोई भी साथी इस दौरान गम को साझा करने उसके कमरे में नहीं जा सकता था। उस समय सभी के कमरों के बाहर पुलिसकर्मी खड़े थे जिससे कि भारतीय नियमों का उल्लंघन नहीं करें। उनकी निगरानी ऐसे हो रही थी जैसे वे मुजरिम हैं जो ऑस्ट्रेलिया में कोविड का निर्यात कर सकते हैं। इसका नतीजा यह था कि टीम के साथी पूरे दिन उसके साथ वीडियो कॉल पर बात करते थे। वे चिंतित थे कि कहीं वह कुछ गलत ना कर ले या खुद को नुकसान ना पहुंचा ले। सिर्फ फिजियो उपचार के लिए उसके कमरे में जा सकते थे और नितिन पटेल ने अंदर जाकर उनका गम साझा किया था। 
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मोहम्मद सिराज - फोटो : सोशल मीडिया
सिराज कई मौकों पर टूट गए जो स्वाभाविक था लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वह भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपने पिता की इच्छा पूरी करना चाहते थे। जब मेलबर्न क्रिकेेट ग्राउंड पर बॉक्सिंग डे टेस्ट के दौरान मौका मिला तो वह उसे हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज में 13 विकेट चटकाकर सिराज रातों रात स्टार बन गए। वह सीरीज के दौरान भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे।
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