मिचेल स्टॉर्क ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) की चयन प्रक्रिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि एक मैच में खेलने और दूसरे में बाहर बैठाने के कारण किसी भी खिलाड़ी के लिए अच्छा खेल पाना संभव नहीं है।
पिछले नौ महीने से ऑस्ट्रेलियाई टीम में अंदर बाहर हो रहे स्टॉर्क इंग्लैंड के खिलाफ एशेज ट्रॉफी में भी अंदर बाहर होते रहे हैं।
पहले टेस्ट में टीम का हिस्सा बने तेज गेंदबाज स्टॉर्क को दूसरे टेस्ट में बाहर बैठाया गया जबकि तीसरे ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट में उनकी फिर से टीम में वापसी हुई लेकिन डरहम टेस्ट में फिर उन्हें बाहर बैठा दिया गया।
स्टॉर्क ने एशेज सीरीज में दो मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने आठ विकेट लिए हैं। सीरीज में कंगारू टीम 0-3 से पिछे भी है। सीरीज का पांचवां और अंतिम टेस्ट 21 अगस्त से शुरू होगा।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से दूसरे सबसे अधिक वेतन पाने वाले 23 वर्षीय गेंदबाज स्टॉर्क को अभी तक टेस्ट टीम में स्थायी जगह नहीं मिल पाई है।
स्टॉर्क ने कहा, ‘एक के बाद एक मैचों में मौका मिलने से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलती है। खेल में निरंतरता तभी आती है जब आप लगातार टीम का हिस्सा हों क्योंकि एक मैच खेलने और दूसरे में टीम से बाहर बैठने पर अच्छा खेलना संभव नहीं होता है।’