वॉन ने आगे कहा, 'इसकी शुरुआत पहले दिन कैच लेने में उनकी कमजोरी से हुआ, इसके बाद पहली पारी में उनकी बल्लेबाजी में यह जारी रहा तथा सप्ताहांत में सपाट विकेट पर उनकी गेंदबाजी की कमजोरी उजागर हो गई।' उन्होंने कहा, 'मैं जानना चाहता हूं कि पिछले दो वर्षों में इस टीम के फील्डिंग में सुधार क्यों नहीं हुआ। वे लगातार मौके गंवाते रहे हैं। उन्हें पहली पारी में भारत को 125 रन पर आउट कर देना चाहिए था।' वॉन ने कहा कि इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में पर्याप्त रन नहीं बनाए। इतना ही नहीं, पूर्व कप्तान ने बल्लेबाजों के शॉट चयन पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, 'इंग्लैंड की गेंदबाजी में सपाट विकेट पर सफलता हासिल करने के लिए पर्याप्त गति और विविधता नहीं थी। इंग्लैंड की यह टेस्ट टीम ऐसी पिचों पर निर्भर है, जो उसके अनुकूल हो। जब ऐसा होता है तो वे 20 विकेट लेने की स्थिति में दिखाई देती है जैसे कि हेडिंग्ले में हुआ लेकिन बाकी पिचों पर उन्हें संघर्ष करना पड़ता है।' बता दें कि भारत ने ओवल में खेले गए चौथे टेस्ट में मेजबान इंग्लैंड को 157 रनों से हराकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। दोनों टीमों के बीच पांचवां और सीरीज का आखिरी मुकाबला मैनचेस्टर में 10 सितंबर से खेला जाएगा।