चेन्नई में टीम इंडिया के स्पिनरों से हारने के बाद कंगारू कप्तान ने दिलेरी दिखाते हुए हैदराबाद टेस्ट में भी केवल एक ही स्पिनर उतारा। क्लार्क यह समझ रहे थे कि हैदराबाद की पिच में चेन्नई वाली बात नहीं है। कमोबेश यह सच भी है। क्लार्क जब बल्लेबाजी करने क्रीज पर आए तो इशांत शर्मा ने एक जोरदार बाउंस फेंक क्लार्क को बचने पर मजबूर कर दिया। इस गेंद के बाद जितना इशांत खुश थे उससे कहीं अधिक खुश क्लार्क दिख रहे थे।
क्लार्क को अपने 4 तेज गेंदबाजों के फैसले पर खुशी हो रही थी। पहले दिन के खेल के बाद भी स्कोरकार्ड भी यही कह रहा था। भारत की तरफ से युवा सनसनी भुवनेश्वर ने शुरुआती 3 विकेट झटक कंगारुओं को बैकफुट पर धकेल दिया। इशांत शर्मा भले ही कोई विकेट नहीं ले पाए लेकिन उनको खेलने में कंगारुओं को काफी दिक्कत हुई।
पिछले मैच के स्टार गेंदबाज आर. अश्विन केवल 1 ही विकेट अपने नाम कर सके। हालांकि जडेजा ने बतौर आलराउंडर टीम में अपने आप को फिर साबित किया और 3 विकेट झटके। इसमें 91 रन बनाने वाले क्लार्क का भी विकेट था। क्लार्क ने 9 विकेट पर 237 रन बनाकर पारी इसी लिए घोषित की क्योंकि उनको अपने तेज गेंदबाजों पर भरोसा था।
पिच को देखते हुए लगता है कि यह पिच तीसरे दिन के बाद ही स्पिनरों को सपोर्ट करेगी। ऐसे में टीम इंडिया के लिए मैच का दूसरा दिन बेहद अहम होने वाला है। अगर टीम इंडिया के बल्लेबाज पिछले मैच की तरह ही बल्लेबाजी कर पाए तो वो इस मैच में पकड़ बना पाएंगे। नहीं तो क्लार्क के पेसर दूसरे दिन टीम इंडिया के विकेट उखाड़ने के लिए तैयार दिख रहे हैं। टीम इंडिया में सचिन, कोहली और धोनी के फॉर्म को देखते हुए तो ऐसा लगता है कि ये खिलाड़ी कंगारू तेज गेंदबाजों को चुनौती देंगे।
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