दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो श्रीसंत के तौलिए से स्पॉट फिक्सिंग का पर्दाफाश और दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन शुरू हुआ है।
दिल्ली पुलिस की टीमें दिल्ली, गुड़गांव, मुंबई, हैदराबाद, चंडीगढ़ में तैनात कर दी गई थीं। बस इंतजार था सीनियर पुलिस अधिकारियों के आदेश का।
9 मई को सभी वरिष्ठ अधिकारी स्पेशल सेल के कार्यालय में एकत्र हो गए। यहां टीवी पर मैच देखा गया।
नौ मई को जब दूसरे स्पेल में बॉलिंग करते समय श्रीसंत की पैंट में तौलिए लगा दिखा तो दिल्ली पुलिस का स्पॉट फिक्सिंग ऑपरेशन शुरू हो गया।
अधिकारियों ने तुरंत दबिश देने के आदेश दे दिए। दिल्ली पुलिस की गुड़गांव में मौजूद टीम ने सबसे पहले बुकी अश्विनी टिंकू और उसके साथियों को उठाया था।
गौरतलब है कि मोबाइल से रिकार्डिंग में ये बात सामने आई थी कि श्रीसंत फिक्सिंग का इशारा करने के लिए पैंट में तौलिया लगाएगा, जबकि अजीत को जयपुर मैच में टी-शर्ट उठानी थी।
स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार वह जयपुर से ही ऑपरेशन को शुरू करना चाहते थे, मगर जयपुर में अजीत चंदीला बुकीज को इशारा करना भूल गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब-जब बुकी गिरफ़्तार हुआ उसके बाद कोई न कोई खिलाड़ी गिरफ्तार हुआ है। सबसे पहले बुकी अश्विनी कुमार उर्फ टिंकू मंडी गिरफ़्तार हुआ। इसके बाद तीनों खिलाड़ी अजीत चंदीला, श्रीसंत और अंकित चव्हाण गिरफ्तार हुए।
सुनील भाटिया की गिरफ़्तारी के बाद क्रिकेटर से फिक्सर बने बाबूराव यादव गिरफ्तार हुआ। और अब बुकी याहिया गिरफ्तार हुआ है तो और खिलाड़ियों के पकड़े जाने की संभावना है।
याहिया ने खुलासा किया है कि वह अन्य टीमों के खिलाड़ियों के संपर्क में था। पुणे वारियर्स व सीएसके के खिलाड़ी पुलिस के संदेह के घेरे में हैं।