तय हुई रिटेंशन राशि
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में आईपीएल फ्रेंचाइजियों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘बीसीसीआई ने सभी फ्रेंचाइजी को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्हें नए नियमों के बारे में बताया गया है। इसमें चार खिलाड़ियों को रिटेन करने पर एक टीम के 42 करोड़ रुपये खर्च होंगे, तीन खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखने पर 33 करोड़, दो खिलाड़ियों को बनाए रखने का मतलब होगा कि 90 करोड़ रुपये में से 24 करोड़ रुपये कम होना जबकि एक खिलाड़ी को बनाए रखने पर 14 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।’
अधिकारी ने यह भी बताया कि खिलाड़ी को बनाए रखने पर खर्च की गयी राशि और खिलाड़ी को भुगतान की गई राशि हमेशा समान नहीं होती है। अधिकारी ने कहा, ‘मान लीजिए कि दिल्ली कैपिटल्स ने अधिकतम चार खिलाड़ियों में से ऋषभ पंत को अपने 'पहले खिलाड़ी' के रूप में बरकरार रखा तो उनके खाते से 16 करोड़ रुपये कट जाएंगे लेकिन वास्तव में जरूरी नहीं है कि पंत को इतनी ही धनराशि मिलेगी। यह इससे काफी कम हो सकती है। मैं सिर्फ एक उदाहरण दे रहा हूं।’
रिटेंशन में भारतीय और एक विदेशी खिलाड़ियों के अनुपात का रखना होगा ध्यान
चार खिलाड़ियों को रखने की दशा में तीन भारतीय और एक विदेशी या दो भारतीय और दो विदेशी खिलाड़ी होंगे। नयी फ्रेंचाइजी बाकी बचे खिलाड़ियों में से दो भारतीयों और एक विदेशी खिलाड़ी को अपनी टीम में रख सकती है। पत्र में कहा गया है कि नवंबर में आठ पुरानी फ्रेंचाइजी टीमों को खिलाड़ियों को रिटेन करने का मौका दिया जा सकता है जबकि एक से 25 दिसंबर तक लखनऊ और अहमदाबाद के पास तीन खिलाड़ियों को चुनने का अवसर होगा। नीलामी जनवरी के शुरू में होगी।
16 करोड़ रहेगी अधिकतम राशि
यदि कोई टीम चार खिलाड़ियों को रखती है तो पहले खिलाड़ी की कीमत 16 करोड़, दूसरे खिलाड़ी की 12 करोड़, तीसरे खिलाड़ी की आठ करोड़ और चौथे खिलाड़ी की छह करोड़ रुपये होगी। इस तरह से 42 करोड़ रुपये कट जाएंगे और फ्रेंचाइजी 48 करोड़ रुपये के साथ नीलामी में उतरेगी। तीन खिलाड़ियों को रखने पर यह राशि पहले से तीसरे खिलाड़ी तक क्रमश: 15 करोड़, 11 करोड़ और सात करोड़ रुपये, दो खिलाड़ियों को रखने पर 14 और 10 करोड़ रुपये और एक खिलाड़ी को रखने पर 14 करोड़ रुपये होगी। यदि ऐसे खिलाड़ी को रिटेन किया जाता है जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेली तो केवल चार करोड़ रुपये काटे जाएंगे।