आप हर गेंद पर चौका या छक्का नहीं लगा सकते
भरत ने कहा, 'मैं अपनी मजबूती और कमजोरी को जानने की कोशिश पर काम कर रहा था। जैसा कि आपने कहा, मैं 2018-19 (घरेलू सत्र) में प्रत्येक गेंद पर शॉट लगाने के इरादे से खेलता था लेकिन फिर मैंने अपनी पूरी रणनीति में सुधार किया।' उन्होंने कहा, 'आप हर गेंद पर चौका या छक्का नहीं लगा सकते, आपको समय लेना होता है, आपको कोण पर काम करना होता है, आपको प्रतिद्वंद्वी गेंदबाज पर काम करना होता है, आपको विकेटों के बीच दौड़ने पर काम करना होता है।' उन्होंने कहा, 'मैं कई चीजों पर ध्यान देने के बजाय एक समय में एक गेंद पर ध्यान दे रहा था। मैंने चीजों को सरल बनाए रखा। हमने टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया और जीत दर्ज की।'
तुम ही बड़ा शॉट खेलकर जीत दिला सकते हो
भरत ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'आखिरी ओवर में मैंने और मैक्सी ने बात की कि हम किन क्षेत्रों में शॉट खेल सकते हैं। उन्होंने कहा कि गेंद को देखो और शॉट लगाओ। अंतिम तीन गेंदों में मैंने उनसे कहा कि क्या एक रन लेना है तो उन्होंने कहा कि तुम ही बड़ा शॉट खेलकर जीत दिला सकते हो। इससे मेरा काफी आत्मविश्वास बढ़ा।' भरत ने आगे कहा, 'हम किसी भी क्रम में खेलने के लिये तैयार हैं। इसके बारे में स्पष्ट तौर पर बताया गया है। हर कोई अपनी चुनौती के लिए तैयार है। मुझे नहीं लगता कि किसी तरह की संवादहीनता है। जब आपको मौका दिया जाता है तो आप अच्छा प्रदर्शन करके टीम को जीत दिलाना चाहते हो।
उनलोगों को पसंद करता हूं जो मैदान पर अच्छा करते हैं
वहीं, जब भरत से यह पूछा गया कि क्या उन्होंने क्या उन्होंने मैक्सवेल, कोहली या एबी डीविलियर्स से खेल खत्म करने की कला सीखी है, तो उन्होंने (भरत) ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मैं उस तरह का लड़का हूं, जिसे देखना और बहुत कुछ सीखना पसंद है। इसलिए मैं न उनके पास गया और न ही खेल खत्म करने के बारे में उनसे पूछा। हां, पर मैं बैठकर देख रहा था और उनसे सीख रहा था। मैंने हमेशा उनलोगों को देखा है, इसलिए मैं हमेशा से उनलोगों को पसंद करता हूं जो मैदान पर अच्छा करते हैं। दरअसल, श्रीकर भरत का यह पहला आईपीएल है। इस सीजन में उन्होंने सात मैच खेले हैं। इनमें उन्होंने एक अर्धशतक की मदद से 182 रन बनाए हैं। उनका सर्वाधिक स्कोर 78* है, जो उन्होंने दिल्ली के खिलाफ खेला था। भरत ने 130.00 की स्ट्राइक रेट और 45.50 की औसत से रन बनाए हैं।
तैयारी, निरंतरता और इरादा सबसे अधिक मायने रखता है
वहीं, सोमवार को केकेआर के खिलाफ होने वाले एलिमिनेटर के बारे में पूछे जाने पर भरत ने कहा, 'आरसीबी का फोकस एक समय में एक ही मैच पर रहा है, चाहे कोई भी टीम या मैदान क्यों न हो। इसलिए नंबर, टीम या खिलाड़ी से कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारी तैयारी, हमारी निरंतरता और इरादा, यही सबसे अधिक मायने रखता है।