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VIDEO: अंपायर के नॉटआउट देने के बावजूद पवेलियन लौट गई थीं पूनम राउत, अब स्मृति ने कहा- शायद ही कोई ऐसा करता

Fri, 01 Oct 2021 10:33 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम के बीच पहली बार डे-नाईट टेस्ट मैच खेला जा रहा है। मैच के दूसरे दिन भारतीय टीम की बल्लेबाज पूनम राउत की खेल भावना की हर तरफ तारीफ हो रही है।
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पूनम राउत - फोटो : screengrab from twitter@cricketcomau
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विस्तार
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भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम के बीच पहली बार डे-नाईट टेस्ट मैच खेला जा रहा है। मैच के दूसरे दिन भारतीय टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने शतकीय पारी खेली और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। स्मृति अपनी बल्लेबाजी को लेकर जहां चर्चा में रहीं वहीं पूनम राउत की खेल भावना के लिए हर तरफ चर्चा हो रही है। 

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दरअसल भारत की बल्लेबाजी के 80वें ओवर में ऑस्ट्रेलिया की सॉफी मोलीन्यूक्स गेंदबाजी कर रही थीं। उनके सामने पूनम राउत बल्लेबाजी पर थीं। इस दौरान सॉफी की एक बाहर जाती गेंद पर पूनम ने उसे खेलने की कोशिश की, लेकिन वह गेंद सीधे विकेटकीपर हीली के हाथों में चली गई। मोलीन्यूक्स ने इसपर कैच की अपील की जिसे अंपायर ने नकार दिया और पूनम को नॉटआउट करार दिया। लेकिन पूनम अंपायर की तरफ देखे बगैर पवेलियन की ओर चली गईं। इसे देखकर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी और अंपायर दोनों हैरान रह गए। पूनम को अंदाजा था कि गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर हीली के पास गई है। पूनम के इस फैसले को डग आउट में बैठी भारतीय टीम ने भी खड़े होकर सराहा। वहीं कॉमेंटेटर ने भी पूनम के इस फैसले को खेल भावना बताते हुए बड़ा और बहादुरी भरा फैसला बताया।

टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने पूनम के पवेलियन लौटने के फैसले पर कहा, 'पहले तो हम सभी हैरान रह गए कि उसने ऐसा क्यों किया। लेकिन बाद में लगा कि हां यह कदम बिल्कुल सम्मान के काबिल है। उसने इस कदम से बहुत नाम कमाया है।'
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स्मृति ने आगे कहा, 'पता नहीं आज के समय में ऐसा कितने लोग करते हैं वह भी तब जब डीआरएस नहीं हो। आज के वक्त में लोग पवेलियन लौट जाते हैं क्योंकि अब डीआरएस का इस्तेमाल होता है लेकिन उसके बगैर यह कदम उठाना बहुत बड़ी और दिल जीतने वाली बात है।'   

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मैच में नहीं था डीआरएस

गौरतलब है कि इस मैच में डीआरएस का इस्तेमाल नहीं है और ऐसे में पूनम चाहतीं तो क्रीज पर खड़ी रहकर अपनी बल्लेबाजी को जारी रखतीं लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। 



बात करें पूनम की बल्लेबाजी की तो उन्होंने 165 गेंदों का सामना किया और इस दौरान 36 रनों की पारी खेली। उन्होंने मंधाना के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए एक अहम शतकीय साझेदारी भी की। इसकी वजह से भारतीय टीम को मजबूत मिली और टीम ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने पर पांच विकेट खोकर 276 रन बनाए। स्मृति मंधाना ने टीम की तरफ से 127 रनों की सर्वोच्च पारी खेली। 
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