दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में शानदार शतक लगाने वाली भारतीय महिला टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने कहा कि वह ये पारी खेलकर काफी राहत महसूस कर रही हैं। उन्होंने साथ ही उम्मीद जताई कि वह सीरीज के शेष मुकाबलों में भी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखेंगी। भारतीय टीम ने मंधाना के 117 रन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका को 143 रनों से हराया था।
मैच में क्या हुआ?
मंधाना की पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 265 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 37.4 ओवर में 122 रन पर सिमट गई। भारत ने पहला वनडे 143 रन से अपने नाम किया और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। भारत की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 116 गेंद पर वनडे करियर का छठा और ओवरऑल अंतरराष्ट्रीय करियर का सातवां शतक लगाया। मंधाना ने दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 81 रन की साझेदारी निभाई। इसके बाद मंधाना ने पूजा वस्त्राकर के साथ सातवें विकेट के लिए 58 रन की साझेदारी निभाई।
'घरेलू मैदान पर शतक जड़कर खुश हूं'
मंधाना ने छठे और सातवें विकेट के लिए अपनी जोड़ीदार दीप्ति शर्मा और पूजा वस्त्रकार को अच्छा सहयोग देने का श्रेय दिया। मंधाना ने कहा, मैं पिछले चार पांच वर्षों से खुद पर काफी नाराज थी। मैं घरेलू मैदान पर जब भी वनडे में खेली, बस 70-80 रन ही बना पाती थी। आज यह आसान विकेट नहीं था। इसलिए घरेलू मैदान पर शतक जड़कर खुश हूं। उम्मीद करती हूं कि ऐसा होता रहे। मुझे लगता है कि दीप्ति और पूजा के साथ साझेदारी अहम थी। हम जानते हैं कि दीप्ति बल्ले से क्या कर सकती हैं। पूजा को भी बल्लेबाजी के आना था। वह भी गेंद को स्ट्राइक कर सकती है। इसलिए मैं चिंतित नहीं थी कि क्या होगा। हमने बस कुछ समय क्रीज पर बिताने के बारे में बात की।