टी20 विश्व कप में 24 अक्तूबर को भारत और पाकिस्तान की टीमें पांच साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2016 विश्व कप में भिड़ंत हुई थी जिसमें भारत छह विकेट से जीता था।
श्रीलंका में हुए टूर्नामेंट में भिड़ंत सुपर आठ दौर में हुई। यह एकतरफा मुकाबला रहा। पाकिस्तान की टीम 128 रन पर आउट हो गई थी। लक्ष्मीपति बालाजी ने तीन विकेट लिए थे। विराट कोहली की 61 गेंदों में 78 रन की पारी से भारत ने दो विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।
ढाका में 2014 में हुए टी20 विश्व कप में भी भारतीय टीम का अपने चिर प्रतिद्वंद्वी टीम पाकिस्तान पर दबदबा कायम रहा। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 130 रन बनाए। भारतीय टीम ने नौ गेंदें शेष रहते तीन विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।
कोलकाता के ईडन गार्डन में हुए मैच में बारिश की बाधा के बाद मैच 18 ओवरों का कर दिया गया। पाकिस्तान ने 118 रन बनाए। भारतीय टीम ने 23 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे लेकिन रनमशीन कोहली ने 37 गेंदों पर नाबाद 55 रन की पारी खेलकर अकेले दम विपक्षी टीम को परास्त कर दिया।
क्या है बॉलआउट
पहले टी20 विश्व कप में टाई होने की स्थिति में फुटबॉल की तर्ज पर पेनाल्टी शूटआउट की तरह बॉलआउट का प्रावधान था। बाद में इसकी जगह सुपरओवर की अवधारणा चालू की गई। बॉलआउट में गेंदबाज को खाली स्टंप पर हिट करना होता है। पाक के साथ यही एकमात्र मुकाबला है जो भारत ने बॉलआउट में जीता।
भारत के चार नेट गेंदबाज शाहबाज कर्ण, गौतम व वेंकटेश यूएई से लौटे
भारतीय क्रिकेट टीम ने पाक के खिलाफ मैच से पहले वैकल्पिक अभ्यास सत्र में भाग लिया। इसमें मार्गदर्शक महेंद्र सिंह धोनी ने थ्रोडाउन विशेषज्ञ की भूमिका निभाई जबकि हार्दिक ने गेंदबाजी नहीं की। इस बीच भारत ने चार नेट गेंदबाजों को वापस भेज दिया है। स्पिनर कर्ण शर्मा, शाहबाज, के. गौतम और वेंकटेश अय्यर वापस लौट चुके हैं।
मेंटर को नहीं, खिलाड़ियों को खेलना है : गावस्कर
दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर का मानना है कि मेंटर (मार्गदर्शक) एक सीमा तक ही टीम की मदद कर सकते हैं, मैदान पर तो खिलाड़ियोें को ही खेलना है। टी20 विश्व कप में पूर्व कप्तान धोनी को भारतीय टीम का मेंटर नियुक्त किया गया है।
गावस्कर ने कहा कि मेंटर सिर्फ ड्रेसिंग रूम में आपकी मदद कर सकते हैं या रणनीति बना सकते हैं। टाइम आउट के दौरान बैटर्स या गेंदबाजों से बातचीत कर सकते हैं। मेंटर के रूप में धोनी अच्छे हैं पर असल काम खिलाड़ियों का है। वे दबाव का कैसे सामना करते हैं, इससे नतीजे पर फर्क पड़ेगा। उन्होंने कहा कि टी20 की कप्तानी छोड़ने के फैसले के बाद विराट कोहली पर भी दबाव कम होगा।