महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैदानी अंपायर के फैसले को चुनौती देने के लिए कप्तानों के पास डीआरएस (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) लेने का आधिकार है। माना जाता है कि भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इसमें माहिर थे। डीआरएस लेने के बाद वे कम ही मौकों पर गलत साबित हुए हैं। इसलिए इसे प्रशंसक धोनी रिव्यू सिस्टम कहने लगे थे। अब भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने इसमें बदलाव किया।
गावस्कर ने भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले के दौरान डीआरएस को नया नाम दिया। गावस्कर ने मैच के दौरान कमेंट्री करते हुए कहा, "पहले जब एमएस धोनी सही रिव्यू लेते थे, तो उसे धोनी रिव्यू सिस्टम कहा जाता था। अब रोहित शर्मा इसे सही तरह से इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए आप इसे डेफिनेटली रोहित सिस्टम कह सकते हैं।"
बतौर पूर्णकालिक कप्तान पहली बार वनडे में मैदान पर उतरे रोहित ने तीन सफल रिव्यू लिए। गावस्कर इससे काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने रोहित की कप्तानी की जमकर तारीफ की। रोहित ने सबसे पहले डैरेन ब्रावो, फिर निकोलस पूरन और अंत में शामराह ब्रूक्स के खिलाफ सही रिव्यू लिया। तीनों पर तीसरे अंपायर का फैसला भारत के पक्ष में रहा।
वॉशिंगटन सुंदर ने 12वें ओवर की छठी गेंद पर डैरेन ब्रावो के खिलाफ अपील की। सुंदर ने अपील की, लेकिन अंपायर ने नॉटआउट करार दिया। गेंदबाज और विकेटकीपर ऋषभ पंत के कहने पर रोहित ने रिव्यू लिया। फैसला भारत के पक्ष में हुआ। ब्रावो 34 गेंद पर 18 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद युजवेंद्र चहल ने 20वें ओवर की तीसरी गेंद पर निकोलस पूरन के खिलाप अपील की। अंपायर ने फिर से नॉटआउट दिया। रोहित ने रिव्यू लिया और फैसला फिर से भारत के पक्ष में रहा।
22वें ओवर में युजवेंद्र चहल की गेंद शामराह ब्रूक्स के बल्ले से लगकर विकेटकीपर पंत के पास गई। चहल और पंत के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की, लेकिन अंपायर ने आउट करार नहीं दिया। पंत से जब रोहित ने पूछा कि क्या आउट है तो उन्होंने कहा- नहीं। तभी पूर्व कप्तान विराट कोहली वहां पहुंच गए और उन्होंने कहा कि गेंद पहले बल्ले से लगी थी। कोहली ने कहने पर रोहित ने रिव्यू ले लिया और एक बार फिर से फैसला भारत के पक्ष में आया।