आतिशी ने लिखा कि मुझे यकीन है कि न केवल आप बल्कि भाजपा और प्रधानमंत्री के साथ उसका नेतृत्व भी इस बात से सहमत होगा। जब तक भारत में इस तरह के हमले बंद नहीं होंगे, तब तक कोई भी मैच खेलना सही नहीं होगा। मुझे यकीन है कि पीएम भी भारत-पाक मैच के आयोजन से सहमत नहीं होंगे।
आतिशी ने कहा कि जब पीएम विपक्ष में थे, तब वे खुद मैच कराने को लेकर सवाल करते थे। अब खुद उनकी सरकार में ऐसा हो रहा है। दरअसल, दहशतगर्दों ने केंद्र सरकार के जम्मू-कश्मीर में विकास को बढ़ावा देने की मंशा पर पानी फेरने का मन बना लिया है। इन्हें सीमापार से भी मदद मिल रही है।
आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए पाकिस्तान को एफएटीएफ से भी चेतावनी मिल चुकी है, मगर अब तक ऐसा नहीं हो सका है। कई आतंकियों को पाकिस्तान ने अपने यहां शरण दे रखी है।