ललीत मोदी ने बीसीसीआई पर उठाए सावाल
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इंडियन प्रीमियर लीग के लिए दो नई टीमों का एलान हो चुका है। आईपीएल 2022 यानी लीग के 15वें सीजन से आठ की बजाय कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें एक टीम लखनऊ तो दूसरी अहमदाबाद से होगी। 25 अक्तूबर को दुबई में दोनों टीमों के लिए हुई नीलामी में जमकर बोली लगी और अंत में बाजी संजीव गोयनका की आरपीएसजी और ब्रिटेन की निवेशक फर्म सीवीसी कैपिटल्स पार्टनर्स के नाम लगी। इन दोनों टीमों की नीलामी से बीसीसीआई को कुल 12715 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
हालांकि अब इसे लेकर विवाद भी शुरू हो गया है जिसकी शुरुआत आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी ने की है। ललित ने अहमदाबाद की फ्रेंचाइज़ी को खरीदने वाले सीवीसी कैपिटल्स पर सवाल खड़े किए हैं। मोदी ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि सट्टेबाजी कंपनियां आईपीएल टीम खरीद सकती हैं। शायद कोई नया नियम है। बोली जीतने वाला एक बोलीदाता एक बड़ी सट्टेबाजी कंपनी का मालिक भी है। आगे क्या होगा। क्या बीसीसीआई ने अपना काम नहीं किया। भ्रष्टाचार रोधी इकाइयां ऐसे मामले में क्या करेंगी?’
5625 करोड़ रुपये में बिकी अहमदाबाद की टीम
गौरतलब है कि सीवीसी कैपिटल्स नाता सट्टेबाजी से भी है क्योंकि इस निजी इक्विटी फर्म ने सट्टेबाजी गतिविधियों से जुड़ी कंपनियों में भी अपने पैसे निवेश किए हैं। सीवीसी ने अहमदाबाद की टीम को 5625 करोड़ रुपये की बोली लगाकर ख़रीदा है।
सीवीसी कैपिटल्स क्या करती है
सीवीसी खुद को निजी इक्विटी फिल्ड में दुनिया की टॉप कंपनी बताती है, जो 125 अरब डॉलर की प्रॉपर्टी का मैनेजमेंट करती है। सीवीसी की वेबसाइट के अनुसार उसका निवेश टिपिको और सिसल जैसी कंपनियों में हैं जो खेल सट्टेबाजी से जुड़े हैं। सीवीसी अतीत में फार्मूला वन में भी निवेश कर चुकी है और अब उसकी हिस्सेदारी रग्बी में भी है।