विवादित ट्वीट के कारण क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से निलंबित किए गए ओली रॉबिन्सन एक बार फिर इंग्लैंड के लिए खेलते नजर आएंगे। उन पर क्रिकेट अनुशासन समिति ने इस हफ्ते सुनवाई के बाद 8 मैच का प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। रॉबिन्सन इसी प्रतिबंध के चलते बीते महीने न्यूजीलैंड के खिलफ दूसरा टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे। इसके अलावा उन्होंने टी-20 बलास्ट के दो मैचों से भी अपना नाम वापस ले लिया था। उधर सीडीसी ने इन मुकाबलों को 8 मैचों के बैन में गिना है। इसके अतिरिक्त बाकी 5 मैचों के प्रतिबंध की सजा को अगले 2 साल तक के लिए निलंबित रखा गया है। ऐसे में रॉबिन्सन इंग्लैंड की तरफ से खेलने के लिए स्वतंत्र हैं।
इस तरह रॉबिन्सन भारत के खिलाफ 4 अगस्त से शुरू होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीजी में हिस्सा ले सकते हैं। विवादित ट्वीट करने के लिए उन पर 3200 पाउंड का जुर्माना लगाया गया था। रॉबिन्सन ने अपने टेस्ट करियर का आगाज बीते महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ किया था। अपने डेब्यू मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 7 विकेट चटकाए थे। इसके बाद उन्हें दूसरे मैच से पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबित कर दिया गया। उनके निलंबन की वजह सोशल मीडिया थी।
इंग्लैंड के इस तूफानी गेंदबाज ने साल 2012 से लेकर 2014 के दरम्यान कुछ ऐसे आपित्तजनक ट्वीट किए थे जो बीते महीने वायरल हुए। इन ट्वीट्स में उन्होंने नस्लीय और भद्दी टिप्पणियां की थीं। जिसके चलते उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया गया। 30 जून को ओली रॉबिन्सन के मामले पर सुनवाई करते हुए अनुशासन आयोग पैनल उन पर 8 मैचों में प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। जिनमें से 5 मैचों की सजा को 2 साल तक के लिेए निलंबित कर दिया गया।
उधर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से प्रतिबंधित किए जाने के बाद ओली रॉबिन्सन ने माना था कि कम उम्र में सोशल मीडिया पर नस्लवाद और लिंगभेद को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने अपने इन कमेंट्स के लिए माफी भी मांगी। इंग्लैंड के इस तेज गेंदबाज ने जैसे ही अपना डेब्यू मैच खेला उसके बाद उनके पुराने ट्वीट वायरल होने लगे। जिसके बात उन्हें दूसरे मैच से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबित कर दिया गया।