भारत और इंग्लैंड के बीच चौथा टेस्ट मैच शुरू हो चुका है। लंदन के दी ओवल मैदान में खेले जा रहे इस मुकाबले के पहले दिन भारतीय बल्लेबाजी एक बार फिर से लड़खड़ा गई। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के शीर्ष बल्लेबाज एक बार फिर से फिसड्डी साबित हुए। शुरुआती झटकों के बाद भारत ने बल्लेबाजी क्रम में बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया। चेतेश्वर पुजारा के एक बार फिर से सस्ते में आउट होने के बाद टीम ने पांचवें नंबर पर अजिंक्य रहाणे की जगह रविंद्र जडेजा को भेजा। हालांकि इससे विकेट पर थोड़ी देर के लिए लगाम लगाने में मदद मिली लेकिन कुछ खास फर्क नहीं पड़ा।
उधर भारतीय टीम के इस फैसले ने सभी को हैरान किया, लेकिन पूर्व क्रिकेटर और विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने इस फैसले के पक्ष में बयान देते हुए पुराना मामला याद दिलाया। सहवाग ने कहा कि 2004 में भारत के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर भी ऐसा हुआ था और तब सचिन तेंदुलकर जो अच्छी फॉर्म में नहीं थे, उन्हें बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया गया था।
सहवाग ने कहा, 'शायद इंग्लैंड के गेंदबाजों की लाइन लेंथ बिगाड़ने के लिए बाएं हाथ के बल्लेबाज जडेजा को ऊपर भेजा गया और ये सिर्फ एक मैच के लिए ही किया गया हो। ऐसा पहले भी राइट-लेफ्ट कॉम्बिनेशन बनाने के लिए किया गया है। तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और दाएं हाथ के बल्लेबाजों को परेशानी हो रही थी तो शायद इसीलिए जडेजा को ऊपर भेजा गया।'
वीरू ने कहा, 'रहाणे पिछले कुछ मैचों से रन नहीं बना रहे लेकिन ऐसा ही कुछ कोहली और पुजारा के साथ हभी है, उनका बल्लेबाजी क्रम क्यों नहीं बदला? इसलिए मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक बार के लिए किया गया।'
उन्होंने अपना उदाहरण भी दिया और बताया कि जब वह ओपनर के तौर पर अच्छा नहीं खेल रहे थे तब उन्हें मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था। लेकिन जब मैंने अपनी लय हासिल कर ली तो मैं फिर से अपनी पोजीशन पर पहुंच गया। इसलिए बदलाव के लिए ऐसा किया गया होगा।