दरअसल, जिम्बाब्वे डॉमिस्टिक टी20 प्रतियोगिता का फाइनल नौ मार्च यानी शनिवार को खेला गया। खिताबी मुकाबले में डरहम और मैशोनालैंड ईगल्स की टीम आमने-सामने थी। डरहम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए डरहम ने 20 ओवर में छह विकेट गंवाकर 229 रन बनाए। ओली रॉबिन्सन ने 20 गेंद में 49 रन, बास डी लीड ने 29 गेंद में 58 रन और हेडन मस्टर्ड ने 22 गेंद में 46 रन की पारी खेली। ईगल्स की ओर से तनाका चिवांगा और मार्शल तकोदजा ने दो-दो विकेट लिए। हमजा सज्जाद और ओवेन मुजोंडो को एक-एक विकेट मिला।
230 रन के भारी भरकम लक्ष्य का पीछा करने उतरी ईगल्स की टीम 8.1 ओवर यानी 49 गेंद में 16 रन पर सिमट गई। टीम का कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। पांच बल्लेबाज तो खाता तक नहीं खोल सके। इनमें क्रेग इर्विन, तिनाशे कामुनहुकामवे, तादीवाशां मारुमानी, निक वेल्श और हमजा शाहिद शामिल हैं। मैथ्यू वेल्श एक रन, कप्तान चामू चिभाभा चार रन, मार्शल तकोदजा एक रन, ओवेन मुजोंडो दो रन और तनाका चिवांगा दो रन बनाकर आउट हुए। तपिवा मुफुदजा चार रन बनाकर आउट हुए। डरहम की ओर से कैलम पार्किंसन, पॉल कफलिन और ल्यूक रॉबिन्सन ने दो-दो विकेट लिए। वहीं, बास डी लीड और नाथन सॉटर को एक-एक विकेट मिला।
इस तरह जिम्बाब्वे डॉमेस्टिक टी20 प्रतियोगिता के फाइनल में डरहम ने 213 रन से बड़ी जीत हासिल की और चैंपियन बने। ईगल्स द्वारा बनाए गए 16 रन टी20 क्रिकेट इतिहास का तीसरा सबसे छोटा स्कोर है। इससे पहले आइल ऑफ मैन की टीम 10 रन और बिग बैश लीग में सिडनी थंडर की टीम 15 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी।