आईपीएल 2021 के फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर खिताब अपने नाम किया। सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इस मैच में टीम में कोई बदलाव नहीं किया। यानी सुरेश रैना को प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किया गया। यह पहली बार था जब रैना सीएसके के लिए फाइनल मैच में नहीं खेले। इससे पहले आठ बार जब-जब सीएसके फाइनल में पहुंची है, तब-तब रैना खेले हैं।
सीएसके की टीम इससे पहले आठ बार फाइनल में पहुंच चुकी है। टीम 2010, 2011 और 2018 में आईपीएल खिताब भी जीत चुकी है। इसके अलावा 2008, 2012, 2013, 2015 और 2019 में फाइनल में पहुंचकर हार गई थी। यह सभी मैच रैना ने खेले थे।
मिस्टर आईपीएल के नाम से मशहूर रैना ने सीएसके को तीन बार विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई है। 2010 में चेन्नई की टीम पहली बार ट्रॉफी अपने नाम करने में सफल रही थी। इस मैच में मुंबई के खिलाफ रैना ने कमाल की पारी खेली थी। उन्होंने 35 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के की मदद से 57 रन बनाए। उन्हें मैन ऑफ द मैच भी घोषित किया गया था।
2018 में भी दिया था महत्वपूर्ण योगदान
2018 में चेन्नई की टीम तीसरी बार चैंपियन बनी। इस मैच में चेन्नई 181 रन के टारगेट का पीछा कर रही थी। रैना ने इस मैच में शानदार पारी खेली थी। उन्होंने तीन चौके और एक छक्के की मदद से 24 गेंद पर 32 रन बनाए। इस दौरान इस खिलाड़ी का स्ट्राइक रेट 133.33 का था। चेन्नई की टीम ने इस मैच को आठ विकेट से अपने नाम किया था।
2012 आईपीएल फाइनल में भी रैना ने 38 गेंद में 73 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली थी, लेकिन उनकी इस शानदार पारी पर मनविन्दर बिस्ला ने पानी फेर दिया। उनकी पारी की बदौलत कोलकाता ने चेन्नई को पांच विकेट से हरा दिया।