आधुनिक युग के सबसे करिश्माई क्रिकेटरों में से एक लारा ने कहा, 'वास्तव में यह एक कप्तान के रूप में उनका पहला टी-20 विश्व कप है, इसलिए इसके बाद एक टी-20 कप्तान के रूप में उनका करियर समाप्त हो जाएगा। यह बड़ा सदमा है। मगर जिस जोश के साथ वह खेलते हैं, कभी-कभी मुझे लगता है कि यह एक अच्छा कदम भी साबिक हो सकता है क्योकि उनका (विराट) ध्यान खेल के दूसरे प्रारूप पर हो सकता है।' उन्होंने आगे कहा, 'जब मैं खेल रहा था, तब भी मेरे पास ये मुद्दे थे। उस समय मैंने एक-दो बार कप्तान का पद छोड़ा, क्योंकि यह बहुत, बहुत तनावपूर्ण हो गया था।'
लारा ने कहा, हालांकि यह कोहली का निजी फैसला है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिहाज से यह अच्छा फैसला है। मैं दावे के साथ तो नहीं कह सकता लेकिन मुझे यकीन है कि उन्होंने अपना फैसला न केवल व्यक्तिगत फैसले के लिए बल्कि एक ऐसा निर्णय लिया है, जो भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा हो। बता दें कि कोहली ने 90 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 45 मैचों में कप्तानी की है। इनमें से उन्होंने 27 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि 14 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।
भारत ने कोहली के नेतृत्व में कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती है लेकिन दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया (सेना देश) के अलावा वेस्टइंडीज में भी टी-20 सीरीज जीतने में सफल रहा। कोहली ने 2017 में टी-20 फॉर्मेट में भारत की कमान संभाली और उसी साल श्रीलंका के खिलाफ एकमात्र मैच के रूप में अपनी पहली द्विपक्षीय टी-20 सीरीज जीती। सेना देशों में भारत ने पहली सीरीज दक्षिण अफ्रीका में 2018 में 2-1 से जीती।