भारतीय क्रिकेट टीम के डाइट प्लान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को सिर्फ हलाल मीट परोसने की बात कही है। हालांकि इस पूरे मामले पर अब बीसीसीआई ने खुद सामने आकर स्पष्टीकरण दिया है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने उन अभी रिपोर्ट्स को नकारते हुए कहा है कि खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ जो चाहे खाएं, यह उनकी व्यक्तिगत पसंद का मसला है। बोर्ड ने कभी ऐसी कोई योजना नहीं बनाई।
दरअसल, गुरुवार से भारत और न्यूजीलैंड के बीच कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा। लेकिन मैच से पहले टीम इंडिया का कैटरिंग मेन्यू सामने आया था। मेन्यू में खाने की चीजों का बिल्कुल साफ-साफ उल्लेख किया गया था। मेन्यू में स्पष्ट तौर पर लिखा था कि बीफ और पोर्क नहीं परोसा जाएगा। साथ ही जो भी मीट बनेगा वो सिर्फ हलाल ही होना चाहिए। माना जा रहा है कि भोजन की यह सूची खिलाड़ियों के पोषण को ध्यान में रखते हुए सहयोगी स्टॉफ और चिकित्सा दल ने तैयार की है।
अरुण धूमल की माने तो डाइट प्लान पर तो कभी बात ही नहीं हुई तो ऐसे में उसे थोपने की बात पूरी तरह से बकवास है। बोर्ड किसी को नहीं बताता कि आपको क्या खाना है और क्या नहीं। टीम इंडिया का नया मेन्यू जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुआ, लोगों ने बीसीसीआई की निशाने पर लेना शुरू कर दिया। भारतीय बोर्ड की आलोचना के साथ-साथ उन्हें जमकर ट्रोल किया गया।