यह फैन खुद को ‘सुपर फैन टाइगर रॉबी’ बता रहा था। वह इस घटना के समय बाघ की पोशाक पहने हुए था और स्टैंड सी में बैठा था। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने कहा कि रॉबी घटनाओं का सटीक क्रम नहीं बता सका, लेकिन वह दर्द से परेशानी में था। मीडिया से बातचीत के दौरान उसने संकेत दिया कि झगड़े के दौरान उसे पेट में मुक्का मारा गया था।
अधिकारी ने कहा, 'वह जब स्टैंड से बाहर आया तब दर्द से कराह रहा था। वह अचेत होने लगा था। उसे बैठने के लिए कुर्सी दी गयी लेकिन वह गिर गया।' स्टेडियम में मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रशंसक को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई और उसके लिए एम्बुलेंस बुलाई गई। उन्होंने कहा, 'हमें नहीं पता कि उसे किसी ने मारा था या नहीं। प्रशंसकों पर नजर रखने के लिए उस स्टैंड में एक कांस्टेबल है। हम समझ नहीं पाए कि वह क्या कह रहा था। शायद वह दर्द में था। एम्बुलेंस को आने में कुछ समय लग रहा था इसलिए स्टेडियम की मेडिकल टीम उसे नजदीकी सुविधा केंद्र में ले गई।'
इस पूरे मामले पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) हरीश चंदर ने पीटीआई को बताया- जब वह एक कांस्टेबल से मिला तो उनकी सांसें फूल रही थीं। इससे पहले कि हम उनसे बात कर पाते, वह बेहोश हो गया लेकिन अब वह ठीक हैं।
एसीपी (कल्याणपुर) अभिषेक पांडे ने कहा कि रॉबी को तत्काल चिकित्सा देखभाल मिली। उन्होंने जोर देकर कहा कि उस पर हमला नहीं किया गया था जैसा कि शुरुआती रिपोर्टों में आरोप लगाया गया था। उन्होंने कहा- भारत और बांग्लादेश के बीच टेस्ट मैच के दौरान दर्शकों में से एक अचानक बीमार पड़ गया। उसके बीमार पड़ते ही पुलिस ने उसे इलाज के लिए मेडिकल टीम के पास भेज दिया। वह अब ठीक हैं और उसके साथ एक संपर्क अधिकारी रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर उसे मदद मिल सके। हमले की कुछ खबरें थीं लेकिन ये निराधार हैं, उनके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई।