पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम ने सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। बाबर ने अचानक ही बुधवार को सोशल मीडिया के जरिये इसकी घोषणा की थी जिससे सभी हैरान रह गए थे। हालांकि, करीबी सूत्रों का कहना है कि बाबर के इस फैसले का कारण काफी हद तक मुख्य कोच गैरी कस्टर्न की रिपोर्ट भी है। कस्टर्न ने यह रिपोर्ट पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को सौंपी थी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जून में अमेरिका और वेस्टइंडीज में खेले गए टी20 विश्व में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद बाबर का कप्तानी से मोहभंग हो गया था। टीम के एक करीबी सूत्र ने कहा, बाबर कर्स्टन और यहां तक कि सहायक कोच अजहर महमूद की टिप्पणियों और सिफारिशों से खुश नहीं थे और उन्हें लगा कि टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के लिए केवल उन्हें दोषी ठहराया गया है। कर्स्टन की रिपोर्ट के कुछ हिस्सों के सार्वजनिक होने के बाद बाबर ने क्रिकेट बोर्ड को संकेत दिया था कि उन्हें कप्तान बने रहने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
सूत्र ने कहा कि बाबर ने बोर्ड अधिकारियों के इस बात को लेकर निराशा जताई कि पीसीबी ने उनके पिछले प्रदर्शन और परिणामों पर विचार नहीं किया। बोर्ड ने उन पर जरूरी विश्वास और भरोसा भी नहीं दिखाया। सूत्रों के मुताबिक कर्स्टन ने बोर्ड को अपनी रिपोर्ट में ड्रेसिंग रूम के माहौल के साथ-साथ इंग्लैंड और टी20 कप विश्व कप में कुछ खिलाड़ियों के व्यवहार और असहयोग पर भी चर्चा की थी।
बाबर के दबाव झेलने की क्षमता से प्रभावित नहीं थे कस्टर्न
सूत्र की मानें तो हद तब हो गई जब पीसीबी ने उन्हें वनडे कप्तान बनाने की घोषणा नहीं की, जबकि विश्व कप से पहले टी20 का कप्तान नियुक्त किया। कर्स्टन कप्तान के तौर पर बाबर के दबाव झेलने की क्षमता से बहुत प्रभावित नहीं है। उनके मुताबिक पिछले साल से मानसिक तनाव और आलोचना के बाद एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में टीम में उनकी भूमिका अधिक महत्वपूर्ण है।
अगले कप्तान को लेकर जल्दी में नहीं पीसीबी
पीसीबी सफेद गेंद प्रारूप में कप्तान के नाम की घोषणा करने की जल्दी में नहीं है। उसने चयनकर्ता असद शफीक और चयन समिति के कुछ सदस्यों से गहन विचार विमर्श करने के बाद नाम की सिफारिश करने को कहा है। सूत्र ने कहा, पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चयन समिति द्वारा सभी आधिकारिक चर्चाओं की जानकारी चाहते हैं। इसमें टीम के दोनों विदेशी मुख्य कोच का भी मत शामिल होगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और कप्तान नियुक्ति करने का स्पष्ट कारण पता चल सकेगा।