दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले महीने खेले गए टी20 विश्व कप फाइनल के दौरान अक्षर पटेल दो बार निराश हो गए थे। पहले जब वह अहम समय में अपना विकेट गंवा बैठे थे और उस वक्त ड्रेसिंग रूम में जसप्रीत बुमराह ने उन्हें संभाला था। इसके बाद जब हेनरिच क्लासेन ने उनके ओवर से 24 रन निकाले थे और भारत को मुसीबत में डाल दिया था। उस वक्त कप्तान रोहित शर्मा अक्षर के पास आए थे।
फाइनल में जब भारत ने पावरप्ले में तीन विकेट गंवा दिए थे उस वक्त अक्षर को पांचवें नंबर पर उतारा गया था और उन्होंने विराट कोहली के साथ मिलकर अच्छी साझेदारी निभाई थी और टीम को संभाला था। अक्षर बड़ी पारी खेलने की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन 47 रन बनाकर रन आउट हो गए थे। इस ऑलराउंडर ने खुलासा करते हुए बताया कि वह काफी समय तक निराश रहे थे क्योंकि उन्हें लगा था कि वह दक्षिण अफ्रीका से मैच को दूर ले जा सकते हैं, लेकिन बुमराह उनके पास आए और उन्होंने अक्षर को समझाया।
'मैं गलत समय पर आउट हुआ'
अक्षर ने एक सामाचार पत्र से कहा, मैं गलत समय पर आउट हुआ जो मेरी गलती थी। मैं अलर्ट नहीं था और मुझे खुद पर काफी गुस्सा आया। मैं गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहा था और दूसरे छोर पर विराट भाई भी सेट हो चुके थे। हमने तेजी से खेलने की रणनीति बनाई थी और हम कुछ और रन जोड़ सकते थे। तीन ओवर तक मैं अकेले बैठा हुआ था और फिर बुमराह आए और उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और कहा कि तुम्हें चार ओवर गेंदबाजी करनी है। तुमने हमें लय दिलाई है और अब उस बात को जाने दो।
अक्षर को मैच के दौरान दूसरी बार साथी खिलाड़ियों के साथ की जरूरत पड़ी। अक्षर के ओवर से क्लासेन ने दो छक्के और दो चौके लगाए। अक्षर के महंगे ओवर के कारण दक्षिण अफ्रीका को एक समय 30 गेंदों पर 30 रन बनाने थे। अक्षर ने कहा कि उन्हें लगा अब मैच खत्म हो चुका है, लेकिन रोहित ने कहा कि मैच अभी खत्म नहीं हुआ है। अक्षर ने कहा, पहले पांच सेकेंड मुझे लगा कि अब मैच हमारे हाथ से निकल गया है। मैं निराशा था, लेकिन मुझे ऐसा लग रहा था कि हम मैच का रुख बदल सकते हैं। रोहित भाई फिर मेरे पास आए और उन्होंने कहा कि मैच खत्म नहीं हुआ है। द्विपक्षीय सीरीज में जब आप महंगे साबित होते हो तो निराश हो जाते हो, तुम्हारी बॉडी लैंग्वेज देख कर लग रहा है कि तुमने हार मान ली है। लेकिन उस मैच में हम लोगों में से किसी ने हार नहीं मानी थी और हम सबस मैच को आखिरी ओवर की अंतिम गेंद तक लेकर जाना चाहते थे।