ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा। पर्थ में खेले गए शुरुआती टेस्ट में उसे 360 रन से हार मिली। इस हार के बाद उसे एक झटका और लगा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सोमवार को पर्थ में पहले टेस्ट में धीमी ओवर गति बनाए रखने के लिए पाकिस्तान पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में दो अंक का जुर्माना भी लगाया है।
आईसीसी ने एक आधिकारिक घोषणा में कहा, ''पर्थ में पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धीमी ओवर गति बनाए रखने के लिए पाकिस्तान को दंडित किया गया था। मेहमान टीम पर उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और उनके कुल दो आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप अंक काट लिए गए।'' पाकिस्तान पर आईसीसी एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरी के जवागल श्रीनाथ ने यह जुर्माना लगाया।
पाकिस्तान अंक तालिका में दूसरे स्थान पर
आईसीसी ने कहा, ''खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के अनुसार, जो न्यूनतम ओवर-रेट अपराधों से संबंधित है, खिलाड़ियों को उनके मैच शुल्क का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है, क्योंकि उनकी टीम आवंटित समय में गेंदबाजी करने में विफल रहती है।'' पहले टेस्ट में 360 रन की बड़ी हार के बाद पाकिस्तान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में दूसरे स्थान पर आ गया। पेनल्टी लगने के बाद उसके अंक प्रतिशत 61.11 हो गए।
पाकिस्तानी कप्तान ने गलती स्वीकारी
इसके अलावा आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खेलने के नियमों के अनुच्छेद 16.11.2 के अनुसार, प्रत्येक ओवर पूरा न होने पर एक पक्ष पर एक अंक का जुर्माना लगाया जाता है। परिणामस्वरूप पाकिस्तान के विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप अंक कुल दो कम हो गए हैं। औपचारिक सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं थी क्योंकि पाकिस्तान के कप्तान शान मसूद ने अपराध के लिए दोषी ठहराया और उन्होंने सजा को स्वीकार कर लिया।