आमतौर पर पूर्व भारतीय कप्तान और वर्तमान भारतीय टीम के वनडे खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी को बहुत ही संयम वाले खिलाड़ी के रूप में जाना जाता है। उन्हें उनके शांत स्वभाव और व्यवहार की वजह से उन्हें 'कैप्टन कूल' के नाम से भी पुकारा जाता है। लेकिन शनिवार को एक वाकया सामना आया जब धोनी अपना आपा खो बैठे।
दिल्ली के पालम में खेले गए विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बंगाल के खिलाफ मिली हार के बाद धोनी अपनी टीम के खिलाड़ियों पर भड़क उठे।
धोनी की कप्तानी में खेल रही झारखंड झारखंड को बंगाल ने 50 ओवर में जीत के लिए 330 रनों का लक्ष्य दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए झारखंड ने 100 रनों के अंदर झारखंड के शीर्ष तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। हालांकि सौरभ तिवारी और धोनी ने झारखंड को जीत की ओर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण भागीदारी की। धोनी को मैच में अनुभवी गेंदबाद प्रज्ञान ओझा ने 70 रन के स्कोर पर आउट कर दिया। जिसके बाद मैच लगभग खत्म हो गया।