अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच एकमात्र क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन का खेल भी गुरुवार को भारी बारिश के कारण रद्द हो गया। मैच आज सुबह साढ़े नौ बजे शुरू होना था, लेकिन नौ बजकर 13 मिनट पर ही आज के खेल को रद्द करने का फैसला लिया गया। आज सुबह से ही ग्रेटर नोएडा में रुक रुक कर बारिश हो रही है। इससे पहले सोमवार, मंगलवार और बुधवार को भी दिन के खेल को रद्द कर दिया गया था।
पहले दो दिन गीली आउटफील्ड के कारण एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी थी। मौसम को देखते हुए मैच अधिकारियों ने बुधवार का खेल रद्द करने में भी देर नहीं लगाई। इस मैच में अभी तक टॉस भी नहीं हो सका है। ग्राउंड स्टाफ पंखे से मैदान को सुखाते दिखे थे, जबकि टेंट के कपड़े से पिच को ढका जा रहा था। इस मैच में काफी ड्रामा हुआ है। इस मैच को लेकर यहां के फैंस में काफी एक्साइटमेंट थी, लेकिन मैच नहीं होने से फैंस को काफी निराशा हाथ लगी है। इसको लेकर भी विवाद है कि अफगानिस्तान मेजबान और उनका होम ग्राउंड होने के नाते, उन्हें बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए थी। बीसीसीआई ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को कुछ और मैदानों के बारे में बताया गया था और विकल्प दिया गया था, लेकिन अफगानिस्तान बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा स्टेडियम पर ही मुहर लगाई।
यह टेस्ट का नहीं होना इसलिए भी बुरा है क्योंकि न्यूजीलैंड की टीम यहां अपने एशियाई अभियान को शुरू करने पहुंची थी। कीवी टीम को अब अफगानिस्तान के बाद श्रीलंका और भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलनी है। ऐसे में उनके लिए अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट एक बेहतर प्रैक्टिस साबित होता। वहीं, अफगानिस्तान की टीम शायद ही कभी टेस्ट मैच खेलती है। हालांकि, सीमित ओवर क्रिकेट में इस टीम ने खुद को एक मजबूत टीम के रूप में स्थापित किया है, लेकिन टेस्ट का दर्जा प्राप्त नहीं कर सके हैं।
ऐसे में ग्रेटर नोएडा की पिच पर अगर स्पिनर्स को मदद मिलती, तो अफगानिस्तान की टीम उलटफेर कर सकती थी। न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम से खेलना उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता था। हालांकि, अब चार दिन धुल जाने के बाद दोनों ही टीमें बस अफसोस मना सकेंगी। हैरानी की बात तो यह है कि सोमवार और मंगलवार को बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई थी, इसके बाद बावजूद टॉस नहीं हो सका। मैदानकर्मी मैदान सुखाने में जुटे हुए थे।