कमाने वाले युवाओं को एक बहुत ही अजीब स्थिति का सामना करना पड़ता है। पैसे के साथ क्या करना है, इसपर उनका सही से मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं होता है। इसके अभाव में वे पैसे को संभालने के बारे में अनिश्चितता की स्थिति में आ जाते हैं। मेरे मित्र विवेक की बेटी संजना 22 साल की है। वह एक बड़ी परामर्श कंपनी में डाटा विश्लेषक के रूप में काम करती है। साथ ही, अकाउंटेंसी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही है। उसने बताया कि कैसे उसे क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाने में कठिनाई हो रही है।
ऐसे कई युवा हैं, जिन्हें वित्तीय लक्ष्य हासिल करने के लिए इंतजार करने की कोई समझ नहीं होती है। अभी की पीढ़ी वित्तीय सलाहकार व विशेषज्ञों पर इतनी निर्भर है कि वे वित्तीय धोखाधड़ी और गलत बिक्री के शिकार हो जाते हैं। वे भारी रिटर्न कमाने के सपने में आसानी से फंस जाते हैं और उन वित्तीय साधनों में निवेश कर देते हैं, जिनके बारे में उन्हें कोई समझ नहीं होती है।
पूरी तरह से एप पर निर्भरता
संजना से मैंने पूछा, क्या उसे पैसों का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण लगता है। उसने बताया कि वह टिकट बुक करने, खरीदारी करने, आपात स्थिति में पैसे उधार लेने और खाना ऑर्डर करने के लिए एप पर निर्भर है। एप प्रत्येक यात्रा पर लॉयल्टी पॉइंट व रिवार्ड देते हैं। यह उसे उनके एप को बार-बार देखते रहने और अपनी छुट्टियों की पहले से योजना बनाने को प्रोत्साहित करता है।
बढ़ती महंगाई पर भी रखें नजर
मैंने उसे बताया कि एप की तरह कई विशेषज्ञ और सेवाएं हैं जो उसके वित्तीय जीवन को आसान बना सकते हैं। उसे बचत का महत्व समझाया। साथ ही, यह भी बताया कि महंगाई को मात देने के लिए उसे इस उम्र से ही निवेश करना चाहिए ताकि उसके पैसे का मूल्य समय के साथ बरकरार रहे।
वित्तीय समझदारी बहुत जरूरी
घर पर खाना पकाने के लिए सॉल्यूशंस प्रोवाइडर जैसी वित्तीय सेवाओं के बारे में सोचें। पता करने की कोशिश करें कि आपके पास उनसे निपटने का रास्ता कैसा होगा। कुछ हफ्तों में हमारे घर से जाने से पहले मैं संजना की वित्तीय आकांक्षाओं से समझौता किए बिना उसे अपने पैसे को संभालने के लिए वित्तीय रूप से सक्षम होने या करने की उम्मीद कर रहा हूं। मैं उसे यह समझाना चाहता हूं कि वित्तीय समझदारी भी उतनी ही जरूरी है और उसे सिर्फ खर्च करने के बारे में नहीं सोचना चाहिए बल्कि आने वाले सालों में भी पैसे के बारे में भी सोचना चाहिए।
वित्तीय सलाहकार से करें बात
अंत में, उन लोगों से पैसे के बचत के बारे में बात करें जो ऐसा कर चुके हैं। हो सकता है वहां आपको सर्वोत्तम समाधान न मिलें, लेकिन आपको इतना आइडिया जरूर मिल जाएगा और ये भी जानने के तरीके मिलेंगे कि लोगों ने चीजों को कैसे मैनेज किया है। आप वित्तीय उत्पाद बेचने वालों के इतर उन लोगों की सेवाओं का भी उपयोग कर सॉल्यूशंस प्रदान करते हैं। इसलिए, किसी ऐसे वित्तीय प्लानर से बात करें जो आपकी वित्तीय आकांक्षाओं और लक्ष्यों, वर्तमान आय और खर्चों को समझे और फिर आपको कोई रास्ता सुझाए।
भविष्य की जरूरतों का अभी से रखें ध्यान
युवा अपनी भविष्य की वित्तीय जरूरतों जैसे यात्रा, किराया, सेवानिवृत्ति और घर खरीदने के लिए अभी से बचत करना शुरू कर दें। एक बार जब आप वित्तीय जरूरतों की कल्पना करना शुरू कर देंगे, तो लक्ष्य निर्धारित करने में सक्षम होंगे और एक टाइम लाइन के साथ कुछ पैसा जमा करना शुरू करेंगे।
मान लीजिए, इस साल के अंत में जो कार खरीदना चाहते हैं, उसके डाउन पेमेंट के लिए 2 लाख रुपये की जरूरत है। आपके पास इसके लिए 6 से 8 महीने हैं तो उसी हिसाब से आप पैसे बचाने लगते हैं।
एक बार जब आप लक्ष्यों के लिए ऐसी समय-सीमा और लागत तय कर लेते हैं, तो उस प्रकार के वित्तीय साधन को शामिल करना आसान हो जाएगा जिसमें लक्ष्य प्राप्त करने के लिए पैसा लगा सकते हैं। अगर किसी वित्तीय लक्ष्य को पाने की योजना जल्द बनाते हैं तो हर महीने कम पैसे की बचत की जरूरत होगी।