न्यूजीलैंड में खेतों तथा जल स्रोतों में हेलीकॉप्टर से आकर्षक खानों की चीजों में मिला कर जहर छिड़का जाता है। ‘ए शेडो ऑफ डाउट’ (2007) इसके छिड़काव से होने वाले असर को दिखाती है। इस छिड़काव का उद्देश्य चूहों और पोसम्स (possums) प्रजाति को समाप्त करना है। मगर इनके साथ यह जहर अन्य ढेर सारे जानवरों, कीट-पतंगों तथा पक्षियों को खत्म कर डालता है।
‘द होलो मेन’
अगले साल आई ‘द होलो मेन’ डॉक्यूमेंट्री। 1 घंटे 38 मिनट में यह आज के संचार के उपयोग, दुरुपयोग को दिखाती है। निक्की हैगर की किताब पर आधारित यह वृतचित्र पत्रकारिता द्वारा ईमेल लीक होने और उसके द्वारा 2005 के चुनाव में न्यूजीलैंड की नेशनल पार्टी के लीडर डॉन ब्रास के कैम्पेन में होने वाली बेईमानी तथा चालाकियों के भंडाफोड़ को दिखाता है।
2008 में ही आई ‘बेयरफुट सिनेमा: दि आर्ट एंड लाइफ ऑफ सिनेआटोग्राफर एलुन बोलिंगर’ (अवधि: 1 घंटा 14 मिनट)। यह जेरैर्ड स्मिथ की यह बायोग्राफी कीवी सिनेमाटोग्राफर एलुन बोलिंगर की लाइफ स्टाइल को दिखाती है। यह उसके न्यूजीलैंड के साउथ आईलैंड के वेस्ट कॉस्ट के जीवन को दिखाती है। इस सिनेमाटोग्राफर ने पीटर जेक्सन तथा जेओफ मर्फी जैसे सिने-निर्देशकों के लिए काम किया है।
इसके अगले साल ग्रीम टुकेट ने 1 घंटे 42 मिनट की डॉक्यूमेंट्री ‘बेरी बार्क्ले, द कैमरा ऑन द सोर’ बनाई। वृतचित्र उसके एक साक्षात्कार पर आधारित है। 2011 में ‘लोस्ट इयर्स’ डॉक्यूमेंट्री केंडा जी तथा टॉम रेडफोर्ड ने मिल कर बनाई। इस नाम से कई फिल्म प्राप्त होती हैं मगर इस निर्देशक द्वै की डॉक्यूमेंट्री डेढ़ घंटे में 150 साल की मार्मिक गाथा कहती है।
यह कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड के चीनी प्रवासियों के जीवन को दिखाती है। फिल्म बनाने के लिए 12 साल शोध किया गया और इसे बनाने में दो साल का समय लगा। यह केंडा जी के परिवार की कहानी है। इसे कई देशों के टीवी पर दो भाग में भी प्रस्तुत किया गया है।
रोलरकोस्टर डॉक्यूमेंट्री फिल्में
इसी साल बनी दो डॉक्यूमेंट्री हैं, ‘बिली टी: टे मूवी’ तथा ‘कप ऑफ ड्रीम्स’। पहली डॉक्यूमेंट्री न्यूजीलैंड के सेलेब्रेटेड एन्टरटेनर बिली टी जेम्स पर बनी है। दूसरी खेल पर आधारित है, यह स्पोर्ट है रग्बी वर्ल्ड कप। दर्शकों को यह एक रोलरकोस्टर का मजा देती है क्योंकि इस स्वप्न को साकार करने के लिए पूरा देश निजी तौर पर भावात्मक रूप से जुड़ा हुआ था।
2012 की डेढ़ घंटे की ‘मेन लाइक अस’ न्यूजीलैंड के नौ समलैंगिक लोगों के जीवन की झांकी देती है। ये 21 वर्ष से लेकर 78 वर्ष तक के पुरुष हैं। यह दिखाती है दुनिया में रहते हुए ऐसे लोगों को किन संघर्षों का सामना करना होता है और इनका खुश रह पाना कितना चुनौती भरा है।
अगले साल आई ‘द डेथ एंड रिजरक्शन शो’ म्युजिकल डॉक्यूमेंट्री ‘किलिंग जोक’ रॉकबैंड की 30 साल की अशांत, विवादास्पद साथ ही अविश्वसनीय यात्रा को सहेजती है। ‘द गर्ल ऑन द ब्रिज’ (2020) आत्महत्या करने जा रही और बाद में आत्महत्या के विरुद्ध कार्य करने वाली लड़की के विकास को दिखाती है।
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