बहादुरगढ़। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। कुछ ऐसा ही जज्बा बामनोली स्टेडियम में एथलेटिक्स का अभ्यास करने वाले युवा खिलाड़ियों में देखने को मिल रहा है। कोई राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का सपना संजोए हुए है तो कोई प्रदेश में अपनी पहचान बना रहा है। मैदान में रोजाना पसीना बहाने वाले इन खिलाड़ियों की कहानी दूसरे युवाओं को भी खेलों से जुड़ने और अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करने की प्रेरणा देती है।
बामनोली स्टेडियम में अप्रैल से एथलेटिक्स का अभ्यास शुरू हुई थी। कोच रोहित के मार्गदर्शन में यहां करीब 50 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। इनमें अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-18 आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हैं। खिलाड़ी अपनी क्षमता बढ़ाने, दौड़ में बेहतर प्रदर्शन करने और प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लिए नियमित अभ्यास कर रहे हैं।
तीन साल की मेहनत से 800 मीटर में जीता कांस्य पदक
बामनोली निवासी राहुल अंडर-16 वर्ग में खेलते हैं। वह पिछले तीन साल से एथलेटिक्स का अभ्यास कर रहे हैं। सितंबर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने 800 मीटर दौड़ में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीता। राहुल की इस उपलब्धि के पीछे नियमित अभ्यास और खेल के प्रति उनका समर्पण है। उनकी कोशिश आने वाली प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की है।
तीन महीने से अभ्यास, अब राष्ट्रीय में खेलने का सपना
अंडर-14 वर्ग के खिलाड़ी सक्षम ने करीब तीन महीने पहले ही एथलेटिक्स का अभ्यास शुरू किया है। कम समय में ही उन्होंने खेल को लेकर अपना लक्ष्य तय कर लिया है। सक्षम ने बताया कि वह आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलना चाहते हैं। इसके लिए वह नियमित अभ्यास कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेल में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जारी रखनी होगी।
जिला प्रतियोगिता में तीसरा स्थान, फिटनेस पर भी ध्यान
बामनोली निवासी उदित छिल्लर अंडर-18 वर्ग में खेलते हैं। वह पिछले दो साल से स्टेडियम में अभ्यास कर रहे हैं। जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया। उदित का मानना है कि खेलों से शरीर में क्षमता बढ़ती है। वह एथलेटिक्स में आगे बढ़ने के साथ भविष्य में सरकारी नौकरी हासिल करने के लक्ष्य को भी ध्यान में रखकर मेहनत कर रहे हैं।
खेलों से जुड़कर युवा बना सकते हैं अपनी पहचान
राहुल की पदक जीतने की उपलब्धि, सक्षम का राष्ट्रीय खेलने का सपना और उदित की फिटनेस के साथ भविष्य संवारने की सोच दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। यदि युवा नियमित रूप से खेलों से जुड़ें और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें तो वे अपनी प्रतिभा को निखारने के साथ जीवन में आगे बढ़ने के नए रास्ते भी खोल सकते हैं।
फोटो 100: राहुल, बामनोली
फोटो 101: सक्षम, बामनोली
फोटो 102: उदित छिल्लर, बामनोली
फोटो 103: कोच रोहित
फोटो 104: खेल का प्रशिक्षण देते कोच रोहित
फोटो 100: राहुल, बामनोली
फोटो 100: राहुल, बामनोली
फोटो 100: राहुल, बामनोली
फोटो 100: राहुल, बामनोली