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सौदेबाजी के बजाय मध्यावधि चुनाव पसंद : उमर

Tue, 22 Mar 2016 12:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू

सार

  • सरकार गठन के लिए विकल्प बनने से साफ इनकार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सौदेबाजी के बजाय मध्यावधि चुनाव पसंद करेगी।
  • महबूबा मुफ्ती की ओर से अब पार्टी को बचाने का आखिरी प्रयास किया जा रहा है। उनका दिल्ली जाना इस ओर इशारा करता है।
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उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं। - फोटो : PTI
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात कर रियासत के राजनीतिक हालात पर चर्चा की।
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इस दौरान उन्होंने सरकार गठन के लिए विकल्प बनने से साफ इनकार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सौदेबाजी के बजाय मध्यावधि चुनाव पसंद करेगी। कहा कि कोई भी मध्यावधि चुनाव नहीं चाहता है, लेकिन, यदि सरकार नहीं बनती है तो चुनाव के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

राजभवन में मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती की ओर से अब पार्टी को बचाने का आखिरी प्रयास किया जा रहा है। उनका दिल्ली जाना इस ओर इशारा करता है। उन्हें यह आभास हो गया है कि यदि उन्होंने भाजपा की शर्तों पर सरकार का गठन नहीं किया तो उनकी पार्टी टूट जाएगी।
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पीडीपी निर्णायक कदम उठाए

उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं। - फोटो : PTI

यदि एक बार पार्टी टूट गई तो उनकी स्थिति पहले की अपेक्षा और कमजोर होगी। उमर ने विश्वास जताया कि दिल्ली में वे प्रधानमंत्री से मिलेंगी और सरकार का गठन होगा। कहा, नेकां ने अपने आपको विपक्ष के लिए छह साल के लिए तैयार कर रखा है। उमर ने कहा कि सरकार गठन के लिए विकल्प के तौर पर उनकी ओर नहीं देखा जाना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर 1984 की स्थिति से उबर गया है। वे इस पक्ष में नहीं हैं कि पीडीपी का विभाजन हो और नई पार्टी बने। कहा पीडीपी यदि कांग्रेस का समर्थन नहीं लेना चाहती है तो राज्यपाल विधानसभा को भंग कर नए चुनाव की घोषणा करें। उन्होंने राज्य के विकास तथा बजट पर भी बात की।

उमर ने कहा कि पीडीपी को निर्णायक कदम उठाना चाहिए न कि राजनीतिक अस्थिरता को जारी रखना चाहिए। ऐसा नहीं है कि नेकां राज्य को चुनाव में धकेलना चाहती है। उम्मीद है कि नई सरकार बनेगी और राज्य नए चुनाव से बच पाएगा। कहा कि राज्यपाल को पीडीपी-भाजपा के कदमों का इंतजार है कि कब वे सरकार गठन का दावा करें।

 
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