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‘सब्जियों का राजा’ हुआ बेभाव, किसान परेशान

Mon, 28 Nov 2016 07:18 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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आलू किसान बेहद परेशान
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नोट बंदी ने आलू उत्पादक किसानों की कमर तोड़ दी है। दो हजार रुपये क्विंटल में बिकने वाला आलू कोल्ड स्टोर से उठान न होने से तीन से चार सौ रुपये प्रति क्विंटल में बिक रहा है। इसमें भी कोल्ड स्टोर का भाड़ा और पल्लेदारी में प्रति क्विंटल 280 रुपये खर्च आ रहा है। मुनाफा न होने से किसान, कोल्ड स्टोर में रखा अपना ही आलू नहीं निकाल रहे हैं। उन्नाव के कोल्ड स्टोर संचालक आलू फेंकने के मजबूर हैं।
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किसान कोल्ड स्टोर में भंडारित अपना आलू निकालने नहीं पहुंच पाए। इसी बीच नया आलू बाजार में आने से पुराने आलू बेभाव हो गया। बाजार में कम मांग और किराया व पल्लेदारी के खर्चे और आलू की कीमत के बीच ज्यादा अंतर न होने से किसानों ने कोल्ड स्टोर में भंडारित आलू की उठान बंद कर दी। बाजार में डेढ़ से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल में बिकने वाला आलू 300 से 400 रुपये में प्रति क्विंटल में बिक रहा है। इस पर भी प्रति क्विंटल 240 रुपये कोल्ड स्टोर का किराया और 40 रुपये प्रति क्विंटल पल्लेदारी यानी कुल 280 रुपये प्रति क्विंटल खर्च आ रहा है। आलू का भाव गिरने से किसान अपना ही आलू निकालने नहीं पहुंच रहे हैं। परेशान कोल्ड स्टोर संचालक आलू में सड़न शुरू होने से उसे फेंकवाना शुरू कर दिया है। सभी कोल्ड स्टोर में भरा आलू फेंका जा रहा है। आसपास गांव के लोग उसमें से अच्छी आलू बीनकर ले जा रहे हैं जो बचता वह जानवर खा रहे हैं।  अपर उद्यान अधिकारी आरबी वर्मा ने बताया कि पिछले सीजन में 1 लाख 6 हजार 731 मीट्रिक टन आलू की पैदावार हुई थी। जिसमें से 96517 मीट्रिक टन आलू जिले के 17 कोल्ड स्टोर में भंडारित किया गया। अभी भी 10214 मीट्रिक टन आलू कोल्डस्टोर में जमा है। उन्होंने बताया कि बाजार भाव गिरने और किराया-भाड़ा में कीमत से ज्यादा लागत होने से किसान अपना बाकी बचा आलू नहीं उठा रहे हैं।
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