उमा भारती ने सरकार बनने पर तीन साल में अलग बुंदेलखंड राज्य बनाने का वादा किया था। सरकार बनी और वह मंत्री भी, लेकिन बुंदेलखंड राज्य नहीं बना। अलग राज्य के समर्थकों ने उन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए एसएसपी को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।
एसएसपी को दी तहरीर में अलग राज्य के समर्थकों ने बताया कि 2014 में उमा भारती ने भारतीय जनता पार्टी से सांसद का चुनाव लड़ा था। बुंदेलखंड राज्य बनाने के नाम पर जनता से वोट मांगकर वह जीती थी। लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद अब तक बुंदेलखंड राज्य का निर्माण नहीं हो सका। इन्होंने जनता से वादाखिलाफी की। उनका आरोप है कि इनका अपराध जनता को गुमराह करने का है, ऐसे में केंद्रीय मंत्री व सांसद उमा भारती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए।
इस मौके पर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय, बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष डा. बाबूलाल तिवारी, महासचिव दिनेश भार्गव, बुंदेलखंड राज्य निर्माण सेना के अध्यक्ष संजय शर्मा, बुंदेलखंड किसान पंचायत के अध्यक्ष गौरीशंकर बिदुआ, उप्र रायकवार समाज अध्यक्ष अनिल कश्यप, बुंदेलखंड विकास सेना के जगमोहन बड़ौनिया, बृजेश खरे, हमीदा अंजुम, वरुण अग्रवाल, रघुराज शर्मा, प्रदीप गुर्जर मौजूद रहेे।