बिना रेडियोलॉजिस्ट के हो रही एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच
खुर्जा। नगर में स्थित राजकीय जटिया और महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के बिना ही अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जांच की जा रही हैं। ऐसे में अस्पताल में आने वाले सामान्य मरीजों की जांच तो लैब तकनीशियन कर देते हैं लेकिन गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। सरकारी अस्पतालों में सुविधा होने के बावजूद मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगी जांच करवानी पड़ रही हैं।
राजकीय जटिया अस्पताल में प्रतिदिन 400 से 450 मरीजों की ओपीडी हो रही है। अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए पर्याप्त मशीनें उपलब्ध हैं लेकिन विशेषज्ञ नहीं होने के कारण मरीजों की जांच नहीं हो पा रही हैं। जटिया अस्पताल में हड्डियों और पुरानी चोट के मरीजों को एक्स-रे जांच का परामर्श दिया जाता है। वहीं पेट की बीमारी और अन्य संक्रमण के मरीजों का अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण सभी जांचें केवल लैब तकनीशियन के भरोसे चल रही हैं। इसमें भी यदि कोई घायल मरीज अस्पताल में आता है या किसी मरीज का ऑपरेशन होना होता है तो उसको जांच के लिए निजी अस्पताल में भेजा जाता है। महिला अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीज की जांच भी नहीं हो पाती है। कार्यरत चिकित्सक भी मरीजों को निजी अस्पताल में जांच कराने का परामर्श दे रहे हैं।
जिले की एक मात्र सीटी स्कैन मशीन का भी नहीं मिल रहा लाभ
बुलंदशहर जिले में केवल खुर्जा के जटिया अस्पताल में ही सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध है। इसके बाद भी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण मरीजों की जांच नहीं हो रही है। सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल में कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट ही खुर्जा में आते हैं। इसके लिए पूर जिले के मरीजों को पहले पंजीकरण कराना होता है। इससे इमरजेंसी में आए मरीजों को अधिक परेशानी होती है।
1. अल्ट्रासाउंड के लिए जाना पड़ रहा निजी अस्पताल
पिछले कई दिनों से बुखार और पेट में दर्द है। निजी अस्पताल में परामर्श लिया, जहां अल्ट्रासाउंड के लिए कहा गया। फीस अधिक होने के कारण यहां आई तो जांच से इनकार कर दिया गया।
- राधा
2. जांच के लिए काट रहे चक्कर
अस्पताल में एक्स-रे जांच के लिए कई बार चक्कर काट चुके हैं। कभी तकनीशियन नहीं होता तो कभी मशीन खराब होने का कारण बता दिया जाता है।
- सुनील शर्मा
3. निजी अस्पताल में फीस ज्यादा
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने के कारण निजी अस्पताल में जांच करानी पड़ रही हैं। जहां अल्ट्रासाउंड की फीस ज्यादा होने के कारण काफी दिक्कत होती है।
- अरब सिंह
4. लंबे समय से झेल रहे परेशानी
अस्पताल में लंबे समय से एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही है। करीब तीन साल पहले तकनीशियन भी नहीं था। ऐसे में जांच के लिए बुलंदशहर जाना पड़ता था।
- शैलेंद्र सिंह
कोट्स
अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जांच के लिए तकनीशियन कार्यरत हैं। गंभीर मरीजों की जांच और सीटी स्कैन के लिए बुलंदशहर से विशेषज्ञ आते हैं।
- डॉ. अजीत बावा, सीएमएस, जटिया अस्पताल खुर्जा
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट और अल्ट्रासाउंड मशीन दोनों की कमी है। इस विषय में अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
- डॉ. मंजू अग्रवाल, सीएमएस, महिला अस्पताल खुर्जा
जांच सरकारी अस्पताल निजी अस्पताल
1. हाथ व पैर निशुल्क 300 से 400 रुपये
का एक्स-रे
2. छाती का निशुल्क 500 रुपये
एक्स-रे
3. अल्ट्रासाउंड निशुल्क 700 से 900 रुपये
(पेट)
4. अल्ट्रासाउंड निशुल्क 700 से 1500 रुपये
(गर्भवती)
5. सीटी स्कैन निशुल्क 1000 से 1500 रुपये
सिर, छाती