पिथौरागढ़ में प्रदर्शन करते ग्रामीण बैंक के अधिकारी और कर्मचारी
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उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के संयुक्त फोरम के आह्वान पर जिले में संचालित बैंक की 30 शाखाओं में सोमवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। इससे इन बैंकों में लेन देन के साथ-साथ लेखाबंदी का काम ठप हो गया है। वित्तीय वर्ष के आखिरी सप्ताह में शुरू हुई इस हड़ताल का बड़ा असर देखने को मिल सकता है। पहले दिन ही हड़ताल से जिले में 50 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ। लेने देने के लिए बैंकों में पहुंचे सैकड़ों लोगों को मायूस होकर बैरंग लौटना पड़ा।
बैंक की इन शाखाओं में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यालय पहुंचकर शाखा परिसर में धरना देकर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर संगठन अध्यक्ष अजय जोशी ने कहा कि बैंक कर्मी तमाम समस्याओं के बाद भी पूरी शिद्दत से काम कर रहे हैं। उनकी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित चल रही हैं। सरकार बैंक कर्मियों के हितों की अनदेखी कर रही है। इसके चलते उन्हें मजबूरन हड़ताल का रुख अपनाना पड़ रहा है। इस मौके पर विजय भंडारी, लाल सिंह मेहता, एलपी पंत, बलवंत सिंह, दीपेश बोहरा, हरीश पांगती, राजेश मुरारी, अंकित तिवारी, हिमांशी राणा आदि मौजूद थे।