अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक की अदालत ने शुक्रवार को दुष्कर्म से जुड़े दो मामलों में आरोपियों को दस-दस साल कैद की सजा सुनाई है। इसमें एक पशुपालन विभाग के चतुर्थ श्रेणी पद से सेवानिवृत्त हैं।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के गांधीनगर निवासी पशु पालन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रहे रामलोचन के खिलाफ मऊ थाना क्षेत्र की एक महिला ने 16 मई 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया कि रामलोचन ने उसके साथ कई वर्षों से दुष्कर्म करते रहे।
इस बीच 28 फरवरी 2014 को रिटायर्ड हो गए । इस मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक जज आशीष जैन ने आरोपी को 10 साल कैद और 12 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसी तरह करही मऊ की एक महिला ने गांव के ही योगेंद्र कोटार्य के खिलाफ 22 दिसंबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया था कि योगेंद्र उसे खेत बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। अदालत ने योगेंद्र को भी 10 साल की सजा और आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों मामले में अभियोजन अधिकारी दिलीप श्रीवास्तव ने पक्ष रखा।