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पांच साल में भी शुरू नहीं हो सका ताखा आईटीआई में प्रशिक्षण

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इटावा/ताखा। पांच वर्ष पूर्व ताखा में बनाया गया आईटीआई का भवन सफेद हाथी बना हुआ है। भवन बनने के बाद से अब तक यहां न ही किसी अनुदेशक की तैनाती की गई है और न ही कोई प्रवेश होता है। ऐसे में क्षेत्र के युवाओं को आईटीआई के प्रशिक्षण के लिए 40 किमी दूर इटावा जाना पड़ता है।
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ताखा राजकीय आईटीआई नाम से संस्थान का संचालन वर्ष 2018 से हो रहा है। निर्माण कार्य में देरी के कारण यहां की कक्षाएं इटावा के राजकीय आईटीआई परिसर में संचालित की जा रही थी। वर्ष 2020 में भवन बन गया था पर 2023 तक कक्षाएं इटावा में ही संचालित होती रहीं। इस बीच 300 से ज्यादा छात्रों को 12 ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता रहा लेकिन वर्ष 2023 के अंत में इसे पीपीपी मॉडल पर संचालित करने का फरमान जारी कर दिया गया।
इसके चलते वर्ष 2024 और 2025 में यहां प्रवेश बंद कर दिए गए और कहा गया कि पीपीपी मॉडल के तहत इसका संचालन किया जाएगा। लेकिन दो सत्र बीतने के बाद भी यह आईटीआई शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में क्षेत्र के छात्रों को तकनीकि प्रशिक्षण के लिए दूसरी आईटीआई में प्रवेश लेना पड़ रहा है। राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य डॉ. राजकुमार सिंह ने बताया कि ताखा की आईटीआई के संचालन के संबंध में पत्राचार किया जा रहा है। प्रयास यह है कि जल्द से जल्द इस आईटीआई के शुरू करवाया जाए ताकि उस क्षेत्र के युवाओं को सहूलियत मिल सके।
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ऊसराहार निवासी संदीप कुमार ने बताया कि ताखा आईटीआई का भवन बनते समय ऐसा लगा था कि यहां के युवाओं को बाहर जाकर तकनीकी प्रशिक्षण नहीं लेना पड़ेगा लेकिन भवन बनने के पांच वर्ष बाद भी कोई प्रशिक्षण नहीं हो पा रहा।


पूरनपुर गांव के निवासी अश्वनी कुमार का कहना है कि आईटीआई भवन की दुर्दशा हो रही है। यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों यह भवन खंडहर हो जाएगा। भवन बनाने के बाद इसकी सुध नहीं ली गई, जिसका खामियाजा क्षेत्र का युवा भुगत रहा है।
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