फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुल्लू दशहरा आज से, देव-मानस मिलन देखने उमड़ेंगे हजारों श्रृद्धालु

Sat, 30 Sep 2017 03:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
विज्ञापन
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में इस बार पशु बलि होगी। साल 2014 में प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से पशु बिल पर लगाई रोक को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है। इस साल दशहरा उत्सव में लंका दहन के दिन छह अक्तूबर को सशर्त पशु बलि के साथ अष्टांग बलि दी जाएगी। चार साल बाद दशहरा में पर्दे में तथा चिन्हित स्थान पर बलि प्रथा होगी। 
विज्ञापन


आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कानून के दायरे में पशु बलि करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश में पशु बलि को नगर परिषद, नगर पंचायत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतें बलि के लिए स्थानों को चिन्हित करेगी। ऐसे में छह अक्तूबर को दशहरा पर्व में चारदिवारी के भीतर बलि प्रथा का निर्वहन किया जाएगा। 

2014 को प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल में पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद महेश्वर सिंह परंपरा का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। कुल्लू के विधायक और रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पशु बलि पर अंतरिम राहत दी है और कोर्ट के आदेशानुसार अब धार्मिक कार्यक्रमों में पशु बलि दी जा सकेगी।
विज्ञापन

पशु बलि की रस्म निभाने वाले पर संशय 

जिला देवी देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि लंका दहन को दी जाने वाली पशु बलि में देवी हिडिंबा का उपस्थित होना अनिवार्य होता है। उसकी उपस्थिति में लंका दहन संभव नहीं है। उधर, डीसी कुल्लू युनूस ने कहा कि पशु बलि को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जाएगा।

दशहरा उत्सव में सदियों से चली आ रही पशु बिल की रस्म इस साल कौन निभाएगा यह अभी संशय बना हुआ है। महेश्वर सिंह भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार हैं। 

ऐसे में पशु बलि की रस्म की परंपरा को उनके भाई कर्ण सिंह निभाते आए हैं, लेकिन उनके निधन के बाद अब इसका निर्वहन कौन करेगा। ऐसे में अब देखना होगा दिवंगत कर्ण सिंह के बाद अब राजपरिवार में से कौन इस रस्म को पूरा करते हैं।

 देव-मानस मिलन देखने उमड़ेंगे हजारों श्रृद्धालु

विश्व विख्यात अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव शनिवार से शुरू होगा। छह अक्तूबर तक चलने वाले इस देव महाकुंभ का शुभारंभ राज्यपाल आचार्य देवव्रत दोपहर बाद करेंगे। दशहरा उत्सव के लिए 305 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा है, जिनमें से शुक्रवार शाम तक ढालपुर करीब 150 देवी-देवता पहुंच चुके हैं।

भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह शनिवार को ढोल-नगाड़ों की थाप पर रथ को मंदिर से ढालपुर मैदान तक लाएंगे। शनिवार को रथयात्रा में देव-मानस मिलन का अद्भुत नजारा देखने और भगवान रघुनाथ के रथ को खींचने के लिए हजारों लोग उमड़ेंगे।  
विज्ञापन

राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने दी दशहरा की बधाई

 दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 11 सेक्टरों में बांटे गए दशहरा स्थल पर 1700 पुलिस व होमगार्ड जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात किए हैं।

ढालपुर से रघुनाथपुर तक जाने वाले रास्ते को चकाचक कर दिया है। दशहरा उत्सव में देश-विदेश के सांस्कृतिक दलों के साथ कई नामी कलाकार लोगों का मनोरंजन करेंगे। देवताओं के ढालपुर पहुंचते ही पूरा माहौल देवमय हो गया है।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दशहरा उत्सव की प्रदेश के लोगों को बधाई दी है। राज्यपाल और सीएम ने कहा कि दशहरा उत्सव बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने आशा जताई कि यह पर्व प्रदेश भर में हर्ष व उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें