हिमाचल विधानसभा चुनाव की तारीख के एलान से पहले ही निर्वाचन आयोग ने प्रचार को लेकर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रत्याशियों के गलत तरीके से प्रचार करने और मनमानी रोकने के लिए चुनाव अधिकारियों को पहले ही सचेत कर दिया है।
चुनाव प्रचार के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले गलत हथकंडे अपनाने वाले उम्मीदवारों पर भी नकेल कसने की तैयारी चल रही है।
एसडीएम रामपुर निपुण जिंदल की अध्यक्षता में हुई अधिकारियों की अहम बैठक में अवगत कराया गया कि इस बार विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी शादी में प्रचार करता हुआ पकड़ा जाता है तो विवाह का पूरा खर्च उसके चुनाव खर्चे में जोड़ दिया जाएगा।
इस संबंध में निर्वाचन आयोग ने साफ शब्दों में निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अगर कोई प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान जागरण और अन्य कार्यक्रमों में जाकर अपना प्रचार करता है तो इसका खर्चा भी प्रत्याशी के चुनाव खर्च में शामिल कर दिया जाएगा।