नूरपुर में बैठक में मौजूद पेंशनर एसोसिएशन के सदस्य। -स्रोत : एसोसिएशन
नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश गवर्नमेंट पेंशनर एसोसिएशन की बैठक शनिवार को आदर्श पब्लिक स्कूल नूरपुर में प्रदेश अध्यक्ष एसएल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सरकार द्वारा पेंशनरों की मांगों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाया गया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार का रवैया इसी तरह ढुलमुल रहा, तो पेंशनरों को अपने अधिकारों के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।
उन्होंने याद दिलाया कि 30 मार्च को शिमला में हुए आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जल्द जेसीसी (संयुक्त सलाहकार समिति) की बैठक बुलाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक न तो समिति का गठन हुआ और न ही बैठक बुलाई गई। पेंशनरों ने मांग की कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के संशोधित वित्तीय लाभ और एरियर का निपटारा चरणबद्ध तरीके से किया जाए।
एसोसिएशन के महासचिव जसवंत धीमान ने कहा कि लंबित मेडिकल बिलों की अदायगी न होना भी एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पेंशन को किसी भी परिस्थिति में स्थगित न किया जाए। बैठक में आरपी शर्मा, राकेश शर्मा, एके मैहता और सतीश शर्मा सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की अपील की।