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ये मां बच्चों को दिखाती थी अफसरों के बंगले, बेटी को बनाया IES

Tue, 08 Mar 2016 01:21 AM IST
सौरभ श्रीवास्तव/अमर उजाला, नोएडा
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नरेंद्री सैनी अपनी बेटी अद‌ित‌ि सैनी के साथ - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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डॉक्टर पति की मौत के बाद एकदम टूट चुकी थी। ससुराल वालों ने भी किनारे कर लिया। तीन बच्चों की परवरिश कैसे होगी? यह सवाल परेशान करने लगा, लेकिन हिम्मत और विश्वास ने जीने की राह दिखाई।
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समझ लिया कि संघर्ष बिना कुछ हासिल नहीं किया जा सकता। ठाना कि बच्चों को कामयाब बनाने के सफर में जो भी मुश्किलें आएंगी, उनका चुनौतीपूर्ण सामना किया जाएगा।

इसी विश्वास के साथ हर बाधा पार की। नतीजा यह रहा कि बड़ी बेटी रेलवे विभाग में अधिकारी है। दूसरी बेटी ने मिरांडा हाउस कॉलेज टॉप किया।
 

यह है इस पुल‌िसकर्मी मां के संघर्ष की कहानी

नरेंद्री सैनी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
बेटा एक नामी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। यह संघर्ष गाथा है कि मुजफ्फरनगर जिले के बुनियाजिद्दी गांव की रहने वाली नरेंद्री सैनी की। वह इस समय नोएडा में महिला थाने की प्रभारी है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बातचीत के दौरान नरेंद्री सैनी ने बताया कि पति ऋषिपाल सैनी डॉक्टर थे। उनकी शादी 1985 में हुई। ब्रेन ट्यूमर से 1998 में पति की मौत हो गई।

जिस वक्त पति की मौत हुई वह उस दौरान सब इंस्पेक्टर के पद पर बिजनौर जिले में तैनात थीं। दो बेटियां अदिति, अक्षिता और बेटा आदित्य की पढ़ाई और उनका लालन-पोषण चुनौती था।

बच्चों को द‌िखाती थीं अफसरों का बंगला

नरेंद्री सैनी अपने बच्चों के साथ - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
पति ऋषिपाल सैनी के बाद ससुराल वालों ने हाथ खड़े कर दिए और मदद करने से मना कर दिया। ऐसे में बच्चों के साथ पुलिस क्वार्टर में रहना पड़ा। बच्चों को आईएस व आईपीएस बनाने की इच्छा शुरू से ही जहन में रही।

नरेंद्री सैनी ने बताया कि वह तीनों बच्चों को डीएम का बंगला, पुलिस कप्तान कार्यालय ले जाकर दिखाती थीं। उन्हें एहसास दिलाती कि  तुम भी अधिकारी बन गए तो इन्हीं अफसरों की तरह देश सेवा करने का अवसर मिलेगा।

वह बताती हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी दिए। बड़ी बेटी अदिति ने जेएसएस कॉलेज से इंजीनियरिंग की। एमटेक में दाखिला लिया और साथ-साथ सिविल सर्विस की तैयारी भी की।
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‘मां के जज्बे को सलाम’

अद‌ित‌ि सैनी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
2012 में अदिति ने आईईएस (इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस) क्रेक कर लिया और उनकी पोस्टिंग भारतीय रेल में बतौर एडीएमई (असिस्टेंट डिवीजनल मैकेनिकल इंजीनियर) के पद पर हो गई। अदिति चेन्नई में तैनात हैं। नरेंद्री को गर्व है कि बड़ी बेटी अदिति अफसर है। छोटी बेटी अक्षिता दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हॉउस कॉलेज की टॉपर है। बेटा अदित्य डीपीएस में 12 वीं क्लास में पढ़ रहा है

नरेंद्री सैनी कहती हैं उन्हें बेटे से ज्यादा बेटियों पर गर्व है। उन्हें भरोसा है कि अक्षिता भी सिविल सर्विस की परीक्षा क्रेक कर देश सेवा करेगी। अदिति सैनी इन दिनों छुट्टियों में मां के पास यहां आई है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अदिति सैनी ने बताया कि उन्हें महिला होने पर गर्व है। वह मां के कठिन परिश्रम को याद करते हुए उनके जज्बे को सलाम करती है।

अदिति ने बताया कि वह आज जिस भी मुकाम पर है मां की वजह से ही है। शुरू से मां ने यदि मार्ग दर्शन न किया होता तो शायद वह इस कुर्सी पर बैठकर देश सेवा न कर रही होती।
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