उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक का कहना है कि यह सही है कि विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शिक्षकों के लगभग 30 फीसदी पद खाली हैं। इन्हें भरने के लिए कोशिश हो रही है। मुख्यमंत्री के स्तर पर बात हुई है। रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हुई है। कुछ विज्ञापन भी निकाले गए हैं।
यह पूछने पर कि कुलपतियों का कार्यकाल तीन से बढ़ाकर पांच वर्ष करने संबंधी उनके प्रस्ताव को सरकार ने खारिज कर दिया है? राज्यपाल ने कहा, सरकार में निर्णय की एक प्रक्रिया होती है। प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास जाता है, फिर कैबिनेट में।
उन्हें भी सूचना भेजी जाती है। यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है? वह लगातार इसके लिए फालोअप करेंगे। उच्च शिक्षा के हित के लिए वह कोशिश करते रहेंगे। अभी नकारात्मक स्थिति नहीं आई है।
विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने के सवाल पर राज्यपाल ने कहा, इस पर एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि के कुलपति के साथ बातचीत हुई है।
प्रिटिंग टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रम पर विचार चल रहा है। कौशल विकास के तहत विभिन्न क्षेत्रों के अलग-अलग पाठ्यक्रम पर विचार हो रहा है। अगले साल तक कुछ नया दिखेगा।
यूपी में सबसे अच्छा विश्वविद्यालय कौन सा है?
राज्यपाल राम नाईक
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यह पूछने पर कि प्रदेश का कौन सा विवि है जिसमें थोड़ा सुधार करके दुनिया के 100 विश्वविद्यालयों की फेहरिस्त में लाया जा सकता है?
नाईक ने कहा, वह शिक्षाविद् नहीं हैं। कौन विवि सबसे अच्छा है यह तय करने के लिए एक कमेटी बनाई है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर इसका मूल्यांकन होगा। एक अन्य सवाल पर कहा, उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। यह काम लेबोरेट्री में बैठकर नहीं हो सकता।
जेएनयू विवाद की आंच लखनऊ, वाराणसी तथा इलाहाबाद विवि में भी पहुंचने के सवाल पर नाईक ने कहा, परिसरों में वैचारिक चर्चा को प्रोत्साहित करना चाहिए किंतु इसकी मर्यादा होनी चाहिए। अभिव्यक्ति की आजादी होनी चाहिए स्वच्छंदता नहीं।
प्रदेश के विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के सवाल पर उन्होंने कहा, किसी भी नागरिक को सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार है। जहां तक राज्य विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सवाल है तो उन्होंने स्मृति ईरानी को पत्र भेजकर पूछा है कि उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए क्या सलाह दी है और प्रदेश में इसे कैसे लागू किया जा सकता है? वहां से जानकारी आने केबाद वह कुलपतियों से चर्चा करके इस पर फैसला करेंगे।
उच्च शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन महिला सशक्तिकरण का प्रतिबिंब
राज्यपाल ने महिलाओं को आरक्षण की हिमायत की
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राज्यपाल राम नाईक ने राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए आरक्षण की हिमायत की है। उनका कहना है कि नीति निर्धारण एवं समाज के विकास में महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करना समय की मांग है।
उच्च शिक्षा में लड़कियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा महिला सशक्तीकरण का प्रतिबिंब है। अगर बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए अवसर दिया जाए तो वे आने वाले समय में देश के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान कर सकती हैं।
राजनीतिक क्षेत्र में आरक्षण देकर महिलाओं को और मजबूती दी जा सकती है। सवालों के जवाब में नाईक ने माना कि विश्वविद्यालयों में कुलपति, रजिस्ट्रार व प्रोफेसर के पदों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम है। केवल भातखंडे संगीत सम विवि में ही महिला कुलपति हैं। वह कोशिश करेंगे कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़े।