केंद्र सरकार ने शाहपुर कांडी बांध परियोजना पर काम फिर से शुरू करने के लिए पंजाब और जम्मू-कश्मीर को राजी कर लिया है। एमओयू भी साइन हो गया है। शुक्रवार शाम यहां केंद्रीय जल संसाधन सचिव अमरजीत सिंह की उपस्थिति में पंजाब के सचिव (सिंचाई) केएस पन्नू और जम्मू-कश्मीर में उनके समकक्ष सौरभ भगत ने इस संबंध में समझौते पर हस्ताक्षर किया।
सिंधु जल संधि के तहत आने वाली इस परियोजना पर काम रुका हुआ था। परियोजना का काम पूरा होने से भारत को बेसिन की पूर्वी नदियों पर अपने अधिकारों के इस्तेमाल में मदद मिलेगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर के बीच परियोजना के डिजाइन को लेकर विवाद के बाद पनबिजली परियोजना पर कार्य रुका हुआ था, लेकिन अब यह जल्द फिर से शुरू हो जाएगा।
दोनों राज्यों में सहमति बनी, जबकि स्थायी सिंधु आयोग के भी इस महीने के आखिर में सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) से संबद्ध विभिन्न मु्द्दों पर चर्चा करने की संभावना है। उड़ी आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत ने पिछले साल पाकिस्तान के साथ इस संधि पर वार्ता रद्द करने का फैसला किया था। केंद्र में राजग सरकार ने भी बेसिन नदी जल के इस्तेमाल में इजाफा कर संधि के तहत अपने अधिकारों के इस्तेमाल का फैसला किया।
भारत अब तक अपने हिस्से के नदी जल का कम ही इस्तेमाल कर पाया है। बयान के अनुसार पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर सरकार की औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद शाहपुर कांडी बांध पर कार्य जल्द फिर से शुरू करने पर सहमति बनी है।’