नाइलिट हादसे में शहीद फायर फाइटर्स की विधवा
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नाइलिट हादसे में शहीद फायर फाइटर्स की विधवा ने हादसे के 2 साल बाद बयां किया दर्द। दरअसल शहीद रविंदर की पत्नी सवित्रा रानी ने कहा कि बेटे की नौकरी के लिए दो साल से नगर निगम के हर अधिकारी के पास धक्के खा चुकी हूं। अब तो एयरफोर्स से एनओसी लाकर भी दे दी है। लेकिन अब पता लग रहा है कि बेटे को चपरासी की नौकरी दी जा रही है, यह गलत है।
उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि ऐसा करके नगर निगम शहीद का अपमान कर रहा है। जब पुलिस में कोई शहीद होता है तो उनके परिवार के सदस्य को पुलिस में ही नौकरी मिलती है। उनके पति एयरफोर्स में फायर कर्मचारी थे ऐसे में उनके बेटे को भी फायर विभाग में ही नौकरी मिलनी चाहिए। अगर शहीद के परिवार के साथ प्रशासन ऐसा सलूक करेगा तो फिर कौन जवान बहादुरी दिखाने के लिए सामने आएगा।
एयरफोर्स ने मुआवजा भी नहीं दिया
सवित्रा रानी ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि एयरफोर्स से अभी तक उनको 13 लाख रुपये का मुआवजा भी नहीं मिला है। हादसे के बाद से अब तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी उनके परिवार की सुध लेने के लिए नहीं आया है। उनके पति को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब उनके बेटे को पिता की तरह फायर विभाग में नौकरी मिले।
अमनदीप के परिवार ने नौकरी लेने से कर दिया था इंकार
इस हादसे में जो दूसरा युवक अमनदीप शहीद हुआ था उनके परिवार ने नौकरी लेने से इंकार कर दिया था, जबकि नगर निगम पिछले साल परिवार को 20 लाख का मुआवजा दे दिया था।
आज रक्तदान शिविर का आयोजन
शहीदों की याद में फायर विभाग के कर्मचारियों की ओर से बुधवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। यह रक्तदान शिविर फायर बिग्रेड वर्कर्स वेलफेयर यूनियन की ओर से किया जा रहा है। यूनियन के महासचिव संजीव शर्मा ने बताया कि कमिश्नर बी पुरुषार्था इस शिविर में मुख्य अतिथि है। शिविर में कमिश्नर से भी पुरजोर मांग की जाएगी कि शहीद रविंदर के बेटे धीरज को फायर विभाग में नौकरी दी जाए।