जम्मू के कठुआ में कथित पशु हत्या का मामला और गुज्जर समुदाय के साथ ज्यादती की गूंज मंगलवार को दूसरे दिन भी विधानसभा में रही। इस मुद्दे पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब न मिलने से नाराज विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। कई बार वेल तक सदस्यों ने पहुंचकर नारेबाजी की। मेज और कुर्सियों पर चढ़कर सरकार विरोधी नारे लगाए।
सरकार की ओर से जवाब न मिलने से नाराज विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया। इसके बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही सुचारु रूप से चली। सदन में नेकां विधायक मियां अल्ताफ ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि कठुआ में गुज्जरों के साथ ज्यादती हो रही है। स्थानीय निवासी उन्हें टारगेट कर हमले कर रहे हैं।
प्रशासन कानून व्यवस्था की स्थिति कायम रखने में विफल है। मंगलवार की सुबह भी उन पर हमले किए गए। उन्होंने कठुआ के डीसी तथा एसएसपी को हटाने की मांग की। कांग्रेस विधायक नवांग रिगजिन जोरा, सीपीआई (एम) के एमवाई तारिगामी तथा निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने भी उनका समर्थन किया। तारिगामी ने कहा कि यह संवेदनशील राज्य है और सरकार को चाहिए कि ऐसे इंतजाम किए जाएं, ताकि इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हो।